
नई दिल्ली. पीएनबी घोटाले (PNB scam) के आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी (fugitive diamond trader) मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को मंगलवार को बेल्जियम (Belgium) की सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ा झटका लगा. कोर्ट ने चोकसी की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने भारत प्रत्यर्पण के आदेश को चुनौती दी थी. इससे उसे देश में वापस लाने के भारतीय एजेंसियों के अधिकारियों के प्रयासों को और मजबूती मिली है.
मेहुल चोकसी ने इस साल अक्टूबर में कोर्ट ऑफ कैसेशन का दरवाजा खटखटाया था, जब 17 अक्टूबर को एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील ने भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को बरकरार रखते हुए आदेश को कार्यान्वयन योग्य बताया था. यह फैसला लंबे समय से जारी कानूनी लड़ाई में अंतिम चरणों में से एक माना जा रहा था. चोकसी को इस साल अप्रैल में भारत के अनुरोध पर एंटवर्प में गिरफ्तार किया गया था और वह तभी से वहां की जेल में बंद है.
2018 से प्रत्यर्पण को चुनौती दे रहा मेहुल चोकसी
उसकी जमानत याचिका भी हाल ही में इस आधार पर खारिज कर दी गई कि वह फ्लाइट रिस्क यानी फरार होने की आशंका वाला आरोपी है. पीएनबी घोटाले में वांटेड मेहुल चोकसी 2018 से प्रत्यर्पण से बचने की कोशिश कर रहा है. इसी सिलसिले में उसने हाल ही में विशेष पीएमएलए अदालत में आवेदन देकर ईडी की उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित करने की कार्रवाई को खत्म करने की मांग की थी. हालांकि पिछले महीने मुंबई की विशेष अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी.
13,000 करोड़ का पीएनबी घोटाला
मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी, पंजाब नेशनल बैंक से लगभग 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले के मुख्य आरोपी हैं. उन दोनों पर मुंबई में पीएनबी के ब्रैडी हाउस ब्रांच के अधिकारियों को रिश्वत देकर लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (FLCs) का दुरुपयोग कर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है. नीरव मोदी फिलहाल लंदन की जेल में बंद है और वह भी भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है.
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