
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने कहा है कि उनकी पार्टी मुसलमानों के नहीं, घुसपैठियों के खिलाफ है। इसी के साथ उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन का भरोसा भी जताया। एक इंटरव्यू में नितिन गडकरी ने कहा कि भाजपा सभी को साथ लेकर चलने की नीति पर काम करती है, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो। उन्होंने दोहराया कि पार्टी का विरोध केवल अवैध घुसपैठ के खिलाफ है।
गडकरी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भाजपा असम और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में जीत हासिल करेगी। असम में नौ अप्रैल को मतदान होना है, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होगी। सभी पांच चुनावी राज्यों की मतगणना चार मई को होगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी की रणनीति का मुख्य आधार विकास और सुशासन है। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में करीब पांच लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें से बड़ी संख्या में काम पूरे हो चुके हैं और कई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। गडकरी के मुताबिक सड़क, राजमार्ग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ये प्रोजेक्ट क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने, व्यापार बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति सभी को साथ लेकर चलने की है और पार्टी किसी भी जाति, धर्म या भाषा के खिलाफ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का रुख संविधान के अनुरूप अधिकार देने का है। हाल ही में असम में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत साझा विरासत वाले लोगों को शरण दे सकता है, लेकिन अवैध घुसपैठ को स्वीकार नहीं कर सकता।
पश्चिम बंगाल को लेकर नितिन गडकरी ने कहा कि वहां के लोगों में बदलाव की इच्छा बढ़ रही है और भाजपा को इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने माना कि मुकाबला कड़ा है, लेकिन पार्टी विकास और सुशासन के मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मतदाता सूची संशोधन को लेकर लगाए गए आरोपों पर गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए ऐसे मुद्दों को देखा जाना चाहिए।
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