
इंदौर। इंदौर शहर को रैबीजमुक्त करने के अभियान की शुरुआत इंदौर की संस्थाओं ने कल राजबाड़ा से की। ये संस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर के एनजीओ के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इंदौर शहर के गली-मोहल्लों से श्वानों की जानकारी मंगवाई गई है। गोवा की तर्ज पर काम किया जाएगा।
इस पायलट प्रोजेक्ट को एनजीओ डब्ल्यूवीएस (वल्र्ड वाइड वेटरनरी सर्विसेज) के साथ मिलकर पीएफए इंदौर, नीडिटेल फाउंडेशन, जशराज एनिमल शेल्टर और अन्य संस्थाएं चला रही हैं। कई वॉलेंटियर भी साथ आए हैं। एंटी-रैबीज वैक्सीन (एआरवी) ड्राइव में पहले दिन करीब सौ श्वानों को रैबीज के टीके लगाए गए हैं।
पीएफए की प्रियांशु जैन ने बताया कि फिलहाल हमें राजबाड़ा, रामबाग और इससे लगे क्षेत्र से जानकारी मिली है, जिसके आधार पर हमने यहां जाकर टीके लगवाए हैं। आज संभवत: टीम पलासिया क्षेत्र में टीके लगाने के लिए पहुंचेगी। उल्लेखनीय है कि इस पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में करीब 4 हजार श्वानों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। टीकाकरण के साथ ही श्वानों की जानकारी फोटो और जीपीएस लोकेशन के साथ वल्र्ड वाइड वेटरनरी सर्विसेज के सॉफ्टवेयर पर अपलोड होगी, जिससे अगले साल के टीकाकरण के लिए डाटा एकत्रित हो सके। इसके परिणाम के बाद यही संस्थाएं प्रशासन को इसकी रिपोर्ट सौंप इसमें मदद लेंगी।
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