
एक दानदाता ने इलाज के लिए 25 लाख दिए तो दूसरे ने 30 लाख की मॉडर्न कैंटीन बनवाई, तीसरे ने हजारों का स्टील फर्नीचर दिया
इन्दौर। आर्थिक बजट (Economic budget) के अभाव बहाना बनाकर कई बार जब शासन और प्रशासन हाथ ऊंचे कर देता है, तब इंदौर (Indore) के दानवीर दानदाता (Generous donor) आगे आकर जरूरतमंदों के लिए मसीहा या फरिश्ते साबित हो जाते हैं। यह हम नहीं, बल्कि शहर में मौजूद कई सरकारी और निजी संस्थानो के अलावा चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित कैंसर फाउंडेशन हास्पिटल को मिले दान के आंकड़े बोल रहे हैं। कैंसर मरीजों के इलाज, सुरक्षा और सुविधा के लिए शहर के 3 संस्थानों ने 50 लाख से ज्यादा रुपए का सहयोग किया है। इसके पहले रेडिएशन मशीन खरीदने के लिए दानदाता सत्रह करोड़ रुपए जुटा चुके हैं।
कैंसर फाउंडेशन हास्पिटल के डाक्टर दिग्पाल धारकर के अनुसार शहर के 3 दानदाताओं से नए साल में कैंसर फाउंडेशन हॉस्पिटल के मरीजों के इलाज और सुविधा के लिए लगभग 60 लाख रुपए का दान मिला है। एमराल्ड हाइट्स स्कूल प्रबन्धन ने जहां मरीजों को रेडिएशन के लिए 25 लाख रुपए का दान दिया है, वहीं भागीरथ बस बॉडी बिल्डर ने हास्पिटल के स्टाफ और कैंसर मरीजों के परिजनों के लिए लगभग 30 लाख रुपए की मॉडनी कैंटीन बनाकर दी है। इसके अलावा होटल सयाजी ग्रुप ने हजारों रुपए का मॉडर्न स्टील फर्नीचर बनवाकर दिया है।
एक्सीलेटर मशीन के लिए दानदाताओं ने सत्रह करोड़ जुटाए
इस नये साल में कैंसर फाउंडेशन हास्पिटल इंदौरके मरीजों के इलाज और उनके परिजनों सहित स्टाफ की सुविधा के लिए दानदाताओं से जहां लगभग 60 लाख रुपए का सहयोग मिला है, वहीं पिछले सालों में कैंसर मरीजों को रेडिएशन देने के लिए स्वीडन से हारमोनी लीनियर एक्सीलेटर मशीन खरीदने के लिए दानदाताओं ने लगभग सत्रह करोड़ रुपए जुटाए हैं। डाक्टर धारकर ने बताया कि कई दानदाता तो ऐसे हैं, जो हर साल दान देते हैं तो कई सालभर में कई बार कुछ न कुछ सहयोग करते ही रहते हैं।
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