इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) के साथ सीजफायर में भूमिका के चीन (China) के दावे को भारत ने खारिज कर दिया है। हालांकि, इसे लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय (Indian Ministry of External Affairs) की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। भारत कई मौकों पर साफ कर चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर का फैसला द्विपक्षीय था। इसमें किसी भी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ये दावा दोहरा चुके हैं।
सूत्रों के हवाले से लिखा, ‘मध्यस्थता को लेकर भारत का रुख हमेशा साफ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद कोई मध्यस्थता नहीं हुई थी। भारत ने हमेशा यही रुख रखा है कि किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं होगा। पाकिस्तान ने भारत के डीजीएमओ से सीजफायर का अनुरोध किया था।’
चीन ने क्या कहा था
उन्होंने कहा, ‘गतिरोध वाले मुद्दों को सुलझाने के लिए चीन के इस दृष्टिकोण का अनुसरण करते हुए, हमने उत्तरी म्यांमा, ईरान के परमाणु मुद्दे, पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव, फिलिस्तीन और इजरायल के मुद्दों तथा कंबोडिया और थाईलैंड के बीच हालिया संघर्ष में मध्यस्थता की।’
ट्रंप ने भी दोहराया दावा
ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त कराने के अपने दावे को फिर दोहराया। सोमवार को फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित मार-ए-लागो में नेतन्याहू और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक शुरू करते हुए ट्रंप ने कहा कि ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में उन्होंने अब तक आठ युद्ध रुकवाए हैं।
ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक से पहले कहा, ‘क्या इसका श्रेय मुझे मिलता है? नहीं। मैंने आठ युद्ध रुकवाए। भारत और पाकिस्तान के बारे में क्या ख्याल है… तो मैंने उनमें से आठ (युद्ध) रुकवाए और मैं आपको बाकी के बारे में फिर कभी बताऊंगा।’
ट्रंप ने 10 मई को सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वॉशिंगटन की मध्यस्थता में रातभर बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान ‘पूर्ण और तत्काल युद्धविराम’ पर सहमत हो गएहैं। उसके बाद से ट्रंप 70 से अधिक बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष समाप्त कराया है।
भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में की गई थी। पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। भारत और पाकिस्तान 10 मई को सैन्य टकराव समाप्त करने पर राजी हुए थे।
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