
इंदौर। शहर के अलग-अलग स्थानों पर मास्टर प्लान की 19 सडक़ों को लेकर नगर निगम ने काम शुरू कराने की तैयारी कर ली है और बाधाएं चिन्हित करने का काम एक बार फिर शुरू होगा। इस मामल को लेकर निगम ने एकतरफा कार्रवाई ना हो, इसके लिए हाईकोर्ट में सभी सडक़ों को लेकर कैविएट दायर कर दी है।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक मास्टर प्लान की कुछ सडक़ों के काम निगम ने बाधाएं हटाने के बाद शुरू करा दिए थे और कई जगह काम चल भी रहे हैं, लेकिन 29 सडक़ों में से 19 सडक़ों के काम शुरू नहीं हो पाए थे। इनमें कई जगह सडक़ों के चौड़ीकरण में बाधक मकान-दुकानों के हिस्सों के कारण मामला उलझन में पड़ा था। पूर्व में नगर निगम ने सुभाष मार्ग और छावनी की सडक़ों को लेकर चौड़ाई अस्थायी तौर पर कम कर दी थी। उसके बावजूद रहवासियों ने बाधाएं नहीं हटाईं और सडक़ों की चौड़ाई का विरोध किया, जिसके चलते काम शुरू नहीं हो पाया। दो दिन पहले हुई बैठक के दौरान मास्टर प्लान की बची सडक़ों के काम तेजी से शुरू कराने के निर्देश मिलने के बाद निगम का अमला फिर से सक्रिय हो गया है और 19 सडक़ों के मामलों को लेकर हाईकोर्ट में कैविएट दायर की गई है। निगम अफसरों के मुताबिक इन सभी सडक़ों पर बड़े पैमाने पर बाधक मकान, दुकान हटाए जाने हैं और सडक़ की चौड़ाई को लेकर कई लोग विरोध में है।
इन सडक़ों के शुरू होंगे काम
निगम अधिकारियों के मुताबिक जिंसी से लक्ष्मीबाई प्रतिमा, नेमीनाथ चौराहे से जिंसी चौराहा, सुभाष मार्ग गोल मंदिर से रामबाग पुल, मच्छी बाजार से चंद्रभागा पुल, टीसीएस से एमआर 5 लिंक रोड, एयरपोर्ट से एमआर 5 को जोडऩे वाली सडक़, एमआर 5 बड़ा बांगड़दा से पीएम आवास योजना की मल्टियों तक, नेहरू प्रतिमा से छावनी पुल, किला मैदान से गुटकेश्वर महादेव मंदिर, मूसाखेड़ी से सांवरिया धाम, कंडीलपुरा से इन्दौर वायर फैक्ट्री, सरवटे से चंद्रभागा होते हुए मच्छी बाजार तक की सडक़ों के काम शुरू होना हैं। इनमें सर्वाधिक छावनी, सुभाष मार्ग, जिंसी, कंडीलपुरा, मच्छी बाजार, किला मैदान क्षेत्र में मकान, दुकान के हिस्से बाधक हैं।
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