फिल्म ‘रामराज्य‘ में आर्दश शासन की परिकल्पना दिखेगी। लीहिलिअस फिल्मस (Lihilius Films) के बैनर तले बनी फिल्म ‘रामराज्य‘ (‘Ram Rajya’) समाज में बदलाव की बात करती है। ऊंचे ओहदे पर बैठे जिम्मेदार लोगों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास भी कराती है। यह बात गत दिवस राजधानी में फिल्म यूनिट की आयोजित पत्रकार वार्ता में लेखक शिवानंद सिन्हा (Shivanand Sinha) ने कही। फिल्म चार नवम्बर को अखिल भारतीय स्तर पर रिलीज होगी।सिन्हा ने कहा कि फ़िल्म रामराज्य किसी भी समुदाय के भेद-भाव के ट्रेंड को फ़ालों नहीं करती, यह फिल्म बताती है की आदर्श सामाज कैसा होना चाहिये। इस फिल्म में समाज के सभी वर्गों के कलाकारों ने अभिनय किया है। फिल्म देखने पर रामराज्य की सही परिभाषा पता चलेगी। उन्होंने बताया कि फिल्म रामराज्य चार नवम्बर को अखिल भारतीय स्तर पर रिलीज होगी।
प्रेसवार्ता में फिल्म अभिनेता सास्वत प्रतीक ने कहा कि फिल्म रामराज्य देश और समाज में रामराज्य की परिकल्पना की बात करती है। फिल्म समाज में बढ़ते भेदभाव के पीछे का सच उजागर करेगी। अभिनेता संदीप भोजक ने कहा कि यह फिल्म मेरे लिए बहुत खास है। फिल्म में मेरे किरदार में अभिनय की विविधता सबको दिखेगी। हम सब की आंखों पर जो पट्टी बंधी हैं, वह इस फिल्म को देखने के बाद हट जाएगी।

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