
इंदौर। इंदौर-हरदा-बैतूल फोर लेन प्रोजेक्ट के तहत बनाए जा रहे इंदौर-राघौगढ़ हाईवे का काम 2025 के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा। 27 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट के ज्यादातर हिस्से में अर्थवर्क पूरा हो चुका है। तय किया गया है कि मार्च-25 तक 20 किमी लंबे हिस्से में डामरीकरण का काम पूरा कर लिया जाए। इस हाईवे को ग्रीनफील्ड हाईवे इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह पूरी तरह नए अलाइनमेंट पर बनाया जा रहा है। यही वजह है कि ब्लैक कॉटन सॉइल के कारण खेती की जमीनों पर काम करना कठिन है। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) अफसरों के मुताबिक राघौगढ़ हाईवे पर 39 छोटे-बड़े पुल-पुलिया, अंडरपास या ओवरपास आदि बनाए जा रहे हैं। इनमें से 60-70 प्रतिशत संरचनाओं का काम पूरा हो गया है और बचे स्ट्रक्चर का काम तेजी से हो रहा है। सभी बड़ी संरचनाओं और जंक्शन पर लाइट का प्रबंध किया जाएगा।
अगस्त-24 में पूरा होना था काम
1011.29 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट की आधारशिला अगस्त-2022 में रखी गई थी और इसे दो साल में पूरा होना था। माना जा रहा है कि काम में ढीलपोल के कारण यह हाईवे तय समय से 9-10 महीने देरी से पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि शुरुआत से ही फोर लेन हाईवे के साथ आंतरिक यातायात के लिए दोनों तरफ सर्विस रोड भी बनाई जा रही है।
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