
इंदौर। इंदौर की ग्रीन बांड योजना को भारत सरकार ने भी अपनाते हुए कल केंद्रीय बजट के माध्यम से पूरे देश में लागू किया है। बजट प्रस्तुत करते हुए निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर म्युनिसिपल बांड का जिक्र किया और केंद्र सरकार की ओर से घोषणा की कि यदि स्थानीय निकाय द्वारा इस तरह के बांड के माध्यम से 1000 करोड़ रुपए की राशि जुटाई जाएगी तो भारत सरकार उन्हें 100 करोड़ रुपए देगी। इस तरह इंदौर की योजना को केंद्रीय बजट के माध्यम से भारत सरकार द्वारा पूरे देश में लागू किया गया है। अब देश के नगर निगमों को अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए इस तरह के म्युनिसिपल बांड जारी करना होंगे। इंदौर ने जब बांड जारी किया था, तब उसे केंद्र सरकार की ओर से कोई इंटेंसिव नहीं मिला था। अब दूसरे शहर जो बांड जारी करेंगे उन्हें केंद्र सरकार बांड की राशि का 10 प्रतिशत इंटेंसिव देगी।
इंदौर नगर निगम द्वारा ग्रीन बांड जारी कर 500 करोड़ रुपए जुटाए गए। अब देशभर के नगर निगम इसी तरह के म्युनिसिपल बांड के माध्यम से राशि जुटाएंगे। फरवरी 2023 में इंदौर नगर निगम द्वारा ग्रीन बांड जारी किया गया था। नगर निगम के ग्रीन बांड को भारी सफलता मिली और इसने निर्धारित 244 करोड़ रुपए के मुकाबले 720 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाई। यह इश्यू 5.90 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था, जिसका उपयोग खरगोन में 60 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए किया गया है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि देश में यह पहला मौका था, जब किसी नगर निगम द्वारा ग्रीन बांड जारी करके इतनी बड़ी राशि विकास कार्य के लिए जुटाई गई। इसमें इंदौर नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आशीष सिंह ने अहम भूमिका अदा की थी। इंदौर की इस सक्सेस स्टोरी को पिछले साल के बजट में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने उल्लेखित किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि म्युनिसिपल बांड समय की जरूरत है।
कचरे से गैस का पूरा खर्च उठा रहा है केंद्र
इंदौर ही देश का पहला ऐसा शहर है, जिसने गीले कचरे से गैस बनाने का प्लांट निजी क्षेत्र की भागीदारी से लगवाया था। यह प्लांट पूरे देश के लिए उदाहरण बना। बाद में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में घोषणा की कि देश के 100 शहरों में इस तरह का प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 10000 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में देश के शहरों में इस तरह का प्लांट लगाने का काम भारत सरकार के पैसे से इस समय हो रहा है।
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