
इंदौर। इंदौर नारकोटिक्स विंग ने अशोकनगर जिले के चंदेरी तहसील के ग्राम कड़राना में बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके से भारी मात्रा में तैयार सवा किलो एम डी ड्रग्स और ढाई किलो लिक्विड एमडी ड्रग्स बरामद की है, इसके साथ ही 45 किलो एमडी ड्रग्स बनाने के केमिकल जप्त किए हैं, यह केमिकल आरोपी इंदौर से केमिकल खरीदकर चंदेरी में ड्रग्स तैयार कर रहा था।
दरअसल इस मामले में मध्यप्रदेश नारकोटिक्स विंग के उप महानिरिक्षक महेश चंद्र जैन ने बताया की दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की जा रही है। जैन के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय प्रियांशु जैन निवासी चंदेरी और 38 वर्षीय राघवेन्द्र सिंह पंवार निवासी कड़राना के रूप में हुई है। नारकोटिक्स टीम को अवैध मादक पदार्थों के निर्माण और सप्लाई की तैयारी की सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर योजनाबद्ध तरीके से राघवेन्द्र सिंह के गांव कड़राना स्थित ठिकाने पर छापा मारा गया, जहां से एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री संचालित होने का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में जानकारी में आया की राघवेंद्र परमार ने अपने घर में ही बना रखी थी एमडी ड्रग्स बनाने की पूरी लैब ड्रग्स बनाने का पूरा सामन लेब में मौजूद मिला है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक किलो 282 ग्राम तैयार ठोस एमडी ड्रग्स, 2 किलो 579 ग्राम तरल ठोस एमडी ड्रग्स और करीब 45 किलो एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल बरामद किया है। इसके अलावा मौके से एमडी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने एक होंडा कार, दो मोबाइल फोन, एक लाइसेंसी पिस्टल, 15 जिंदा कारतूस और मैगजीन भी बरामद की है। बरामद सामग्री से अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे।
जैन के मुताबिक आरोपी प्रियांशु पहले गेहूं का सॉल्वेंट प्लांट चलाता था, और उसके साथ ही मैदा बनाने का प्लांट भी था लेकिन व्यापार में घाटा होने के बाद वह कर्ज मे गया था, जिसके बाद उसने जल्दी पैसा बनाने के उद्देश्य से इंटरनेट पर एमडी ड्रग्स बनाना सीखा और इंदौर से केमिकल खरीदकर चंदेरी में ड्रग्स बनाना शुरू की थी। इस बीच नारकोटिक्स विंग ने मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर आरोपियों को माल के साथ बरामद किया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में मादक पदार्थों के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपियों के संपर्क अन्य जिलों और राज्यों तक फैले हो सकते हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
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