
डेस्क: ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स के अपने देश पर हमले के बाद अपने पहले एशियन कप गेम में नेशनल एंथम नहीं गाने का फैसला किया. यहां साउथ कोरिया ने सोमवार रात गोल्ड कोस्ट में अपने ग्रुप स्टेज गेम में ईरान को 3-0 से हराया. 2022 एडिशन में चीन के बाद दूसरे नंबर पर रहने वाली कोरियाई टीम ईरान पर पूरी तरह से हावी रही. इस पर अपने देश में चल रहे युद्ध का कोई असर नहीं दिखा, जबकि कुछ सपोर्टर्स ने शाह-युग के झंडे लहराए.
ईरान के कोच मरजियाह जाफरी ने मिलिट्री हमलों और देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बारे में सवालों का जवाब नहीं दिया. यहां जब टीमें प्री-गेम नेशनल एंथम के लिए इकट्ठा हुईं, तो कैमरे ईरानी टीम पर घूम गए और कोई भी खिलाड़ी या कोच एंथम गाते या उसके शब्द बोलते हुए नहीं दिखे.
गोल्ड कोस्ट स्टेडियम में उदास, इमोशनल माहौल में बजाए गए एंथम के दौरान ईरान के खिलाड़ियों के चेहरे पर न्यूट्रल एक्सप्रेशन थे. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का राष्ट्रगान मेहर-ए-ख़वारन है. इसे 1990 में अपनाया गया था.
अनुभवी खेल पत्रकार ट्रेसी होम्स ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि ईरानी खिलाड़ियों और कोच में से किसी ने भी गोल्ड कोस्ट में महिला एशियाई कप में अपने मैच से पहले राष्ट्रगान नहीं गाया. जबकि उन्हें ईरान छोड़ने से पहले ऐसा करने का निर्देश दिया गया था ताकि शासन को शर्मिंदा न किया जा सके. जाहिर है, उन्होंने अपने देश में हो रही घटनाओं से ताकत ली है. गेम में ईरानी सपोर्टर्स का एक ग्रुप भी था जो इस्लामिक क्रांति से पहले का झंडा लहरा रहा था जिसमें सुनहरे शेर और सूरज बने थे.
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