
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (Rajya Sabha MP Digvijay Singh) ने सदन में बासमती चावल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बासमती चावल को जीआई टैग न मिलने से एमपी के किसान अपने हक से वंचित हो रहे हैं। दिग्गी ने यह भी कहा कि पंजाब और अन्य राज्यों के व्यापारी मध्य प्रदेश के बासमती चावल में अपने राज्यों का GI टैग लगाकर लाभ कमा रहे है।
कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह सदन में बासमती चावल का मुद्दा उठाते हुए दिखाई दे रही है। वहीं कांग्रेस ने लिखा- ‘मध्य प्रदेश में हर साल करीब 4 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा बासमती चावल का उत्पादन होता है। यहां का बासमती चावल अन्य राज्यों से बेहतर किस्म का है। लेकिन GI टैग न मिलने के कारण, पंजाब और अन्य राज्यों के व्यापारी मप्र के बासमती चावल में अपने राज्यों का GI टैग लगाकर निर्यात करने का लाभ कमा रहे हैं।’
आगे लिखा कि ‘इससे मप्र के किसान अपने हक से वंचित हो रहे हैं और उन्हें खुद के उगाए चावल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हमने 2013 में मप्र के बासमती चावल का GI टैग स्वीकृत करवा दिया था, लेकिन 2016 में उसे निरस्त कर दिया गया। ये हमारा दुर्भाग्य है कि आज देश के कृषि मंत्री मध्य प्रदेश से हैं, लेकिन फिर भी प्रदेश को GI टैग नहीं दिया गया है। मेरी मांग है कि इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार मप्र के बासमती चावल को GI टैग दे।’
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