उमरिया। प्रकाश पर्व दीपावली त्योहार (light festival diwali festival) का सभी को इंतजार है। व्यापारी जहां मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने के साथ ही दुकानों की सजावट में जुटे हुए हैं। जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से गठित स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयारी कर ली है। समूह की महिलाओं द्वारा गोबर से निर्मित दीपक (cow dung lamp) बनाए जा रहे हैं, जो कि दीपावली के अवसर पर बाजार में धूम मचाएंगे।
जिला परियोजना समन्वयक प्रमोद शुक्ला ने रविवार को बताया कि महिलाओं को बाजार की मांग के अनुसार आधुनिक डिजाइन के दीपक निर्माण करने का प्रशिक्षण दिया गया है। गौ पालन समूह कुमर्दू एवं कौडिया के समूहों ने उत्पादन शुरू भी कर दिया है। आगामी दीपोत्सव के लिए नंद गौशाला कुमुर्दु और शिव गौशाला कौड़िया में गोबर के दीपक बनाए जा रहे हैं, ताकि सनातन संस्कृति के अनुसार प्रत्येक सनातनी के घर पर लक्ष्मी का गोबर रूप का प्रयोग हो सके और आध्यात्मिक लाभ मिल सके। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने का यह प्रयास किया जा रहा है। यह दीपक अधिक मात्रा में बिक्री हेतु उपलब्ध है।
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में गठित स्वसहायता समूहों की महिलाओं में भरपूर आत्मविश्वास तथा उत्साह देखने को मिल रहा है, उनकी मेहनत रंग ला रही है। स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने बाजार में पहचान बनायी है, दीपावली के अवसर पर वे खुले बाजार में अपना उत्पाद का विक्रय प्रतिस्पर्धा के साथ करेंगी। विक्रय हेतु जिला मुख्यालय सहित अन्य नगरीय क्षेत्र तथा हाट बाज़ार में आउट लेट उपलब्ध कराएं जाएंगे, उत्पाद की गुणवत्ता तथा उनकी कीमत बाजार के अनुकूल रखा जायेगा।
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