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फिल्म का नाम रखने का कानूनी रास्ता: जानें कैसे होती है टाइटल की रजिस्ट्री और क्या है डायरेक्टर के IFTDA कार्ड की ताकत?

February 03, 2026

नई दिल्ली । बॉलीवुड (Bollywood) के दिग्गज अभिनेता गोविंदा(Actor Govinda) ने एक बार कहा था कि उनके लिए फिल्म का नाम इतना महत्वपूर्ण(Important) है कि उन्होंने महज नाम पसंद न आने पर कई फिल्में रिजेक्ट कर दीं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब दो फिल्ममेकर्स(Filmmakers) एक ही नाम के लिए भिड़ जाते हैं, तो फैसला कैसे होता है? दरअसल, फिल्म(Movie) का नाम चुनना केवल क्रिएटिव काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे IMPPA और IFTDA जैसी संस्थाओं की एक पूरी प्रक्रिया काम करती है।

1. IMPPA: फिल्मों का रजिस्ट्री ऑफिस
साल 1937 में गठित इंडियन मोशन पिक्चर प्रोडक्शन एसोसिएशन IMPPA प्रोड्यूसर्स के लिए काम करने वाली सबसे पुरानी संस्था है। जब भी कोई प्रोड्यूसर अपनी फिल्म का नाम (जैसे- ‘धुरंधर’) तय करता है, तो उसे सबसे पहले IMPPA के रिकॉर्ड्स में चेक करना होता है कि क्या यह नाम पहले से किसी और ने बुक तो नहीं कर रखा।

टाइटल ब्लॉकिंग: प्रोड्यूसर भविष्य की फिल्मों के लिए भी नाम एडवांस में बुक कर सकते हैं ताकि कोई और उनका इस्तेमाल न कर सके।

सर्टिफिकेट: नाम रजिस्टर होने पर IMPPA एक सर्टिफिकेट जारी करता है, जो सेंसर बोर्ड CBFC से क्लियरेंस लेते समय दिखाना अनिवार्य होता है।

2. कैसे होती है नाम की रजिस्ट्री? (स्टेप-बाय-स्टेप)
किसी भी नए फिल्ममेकर को इन चरणों से गुजरना पड़ता है:

बैनर रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले अपने प्रोडक्शन हाउस (जैसे- सनशाइन फिल्म्स) का नाम रजिस्टर करना होता है। इसके लिए पैन कार्ड, GST और आधार जैसे दस्तावेज जरूरी हैं।

मेंबरशिप फीस: कैटेगरी के हिसाब से 5,000 से 20,000 रुपये तक की फीस जमा करनी होती है।

नाम की सुरक्षा: एक बार बैनर रजिस्टर होने पर, फिल्म का टाइटल बुक करने के लिए सालाना 350 से 500 रुपये की फीस देनी पड़ती है। इसे हर साल रिन्यू कराना होता है।

3. IFTDA कार्ड: डायरेक्टर्स का सुरक्षा कवच
फिल्म के नाम और प्रोडक्शन के बाद बारी आती है निर्देशन की। यहाँ इंडियन फिल्म्स एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन IFTDA की भूमिका शुरू होती है। यह डायरेक्टर्स और असिस्टेंट डायरेक्टर्स का एक शक्तिशाली समूह है।

  • पेमेंट की गारंटी: यदि कोई प्रोड्यूसर डायरेक्टर के पैसे रोकने की कोशिश करता है, तो IFTDA उस फिल्म की रिलीज तक रुकवाने की ताकत रखता है।

    पहचान पत्र: फिल्म सेट पर IFTDA कार्ड एक डायरेक्टर की आधिकारिक पहचान होती है। ज्यादातर बड़े प्रोड्यूसर्स केवल उन्हीं डायरेक्टर्स के साथ काम करना पसंद करते हैं जिनके पास यह कार्ड होता है।

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