
इंदौर। बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) ने वर्तमान में चल रहे संतों के विवादों और सनातन धर्म की आंतरिक चुनौतियों पर बेबाक बयान दिया है। इंदौर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने संतों के बीच चल रही खींचतान को “पीड़ादायक” बताते हुए इसे सनातन धर्म के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा करार दिया।
संतों के विवाद पर जताई गहरी पीड़ा
पिछले कुछ समय से विभिन्न धार्मिक मंचों और सोशल मीडिया पर संतों के बीच चल रही बयानबाजी और निंदा पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह सब देखकर मन बहुत व्यथित है। उन्होंने नम्रतापूर्वक कहा, “हमारी इतनी औकात नहीं है कि हम इतने बड़े महापुरुषों और संतों को कोई सलाह दे सकें। हम खुद अभी तक पूर्ण रूप से संत नहीं बन पाए हैं, इसलिए उन्हें कुछ कहना शोभा नहीं देता।” उन्होंने आगे कहा कि मीडिया में जो कुछ भी संतों के बारे में दिखाया और सुना जा रहा है, वह सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुँचा रहा है। साधुओं का एक-दूसरे की निंदा करना समाज में गलत संदेश देता है।
“सनातन में सुधार की आवश्यकता”
धीरेंद्र शास्त्री ने न केवल बाहरी विवादों पर बात की, बल्कि सनातन धर्म के भीतर मौजूद कुरीतियों पर भी प्रहार किया।
कुरीतियों का अंत
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में फैली रूढ़िवादिता और बलि प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर करने की तत्काल आवश्यकता है।
मंदिर बनाम पिकनिक स्पॉट
उन्होंने चिंता जताई कि आज हमारे पवित्र मंदिर, तीर्थ और देवालय श्रद्धा के केंद्र की बजाय ‘पिकनिक स्पॉट’ बनते जा रहे हैं। तीर्थों की मर्यादा को बनाए रखना अनिवार्य है।
जीर्णोद्धार पर जोर
शास्त्री जी ने कहा कि देश में नए भव्य मंदिर तो बन रहे हैं, लेकिन हमारे प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार रुक गया है। हमें अपनी प्राचीन विरासत को सहेजने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन को भी समय के साथ आंतरिक सुधारों की आवश्यकता है ताकि वह और अधिक सशक्त हो सके।
धर्म निरपेक्ष दृष्टिकोण: उन्होंने जोर देकर कहा, “हम कट्टर सनातनी हैं, लेकिन हम किसी भी अन्य धर्म के न तो विरोध में हैं और न ही पक्ष में। हम सिर्फ अपनी आस्था का सम्मान चाहते हैं।”
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान स्पष्ट करता है कि वे धर्म की बाहरी रक्षा के साथ-साथ आंतरिक शुद्धिकरण के भी पक्षधर हैं। संतों के विवाद पर उनका ‘विनम्र प्रहार’ इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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