
इंदौर। इंदौर को भिक्षुक मुक्त घोषित करने के लिए पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह ने वृहद स्तर पर मुहिम चला रखी थी, लेकिन उसके बावजूद भी शहर में फिर शनि महाराज के नाम पर तेल चढ़ाने की आड़ में भिक्षावृत्ति चरम पर पहुंच रही है। श्राद्ध पक्ष में इनकी संख्या जहां तेजी से बढ़़ी है, वही नवरात्रि, दशहरा, दिवाली पर्व को देखते हुए भी आकड़ा बढ़ते जा रहा है। आज से विभाग के माध्यम से विशेष मुहिम चलाई जाएगी।
मंगलवार व शनिवार के दिन अब तक नजर आने वाले शनि महाराज के नाम पर भीख मांगने का सिलसिला सातों दिनों में भी फलफूल रहा है। शहर के व्यस्ततम चौराहो के साथ-साथ मंदिरों के बाहर, सिग्नल पर नवरात्रि पंडालों के बाहर अभी से इनकी संख्या बढऩे लगी है। इंदौर में नवरात्रि पर राजेंद्र नगर क्षेत्र में शहर का सबसे बड़ा नवरात्रि महोत्सव आयोजित होने वाला है, जिसके बाहर भी बड़ी संख्या में अभी से भिखारी नजर आने लगे हैं। जानकारों के अनुसार इनके बीच क्षेत्र के बंटवारे का चलन है। महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ श्रम विभाग भी इन लोगों पर नजर बनाए हुए है। अचानक ही धरपकड़ अभियान चलाए जाने की रणनीति तैयार की जा रही है।
2 बाल तो 1 किशोर श्रमिक मुक्त कराया
बाल श्रम एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 अंतर्गत राज्य समन्वय एसोशिएसन फॉर वॉलेन्टरी एक्शन म.प्र. एवं स्टेक होल्डर विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय विमुक्ति अभियान चलाया गया। इसमें द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में कार्रवाई की गई। श्रम निरीक्षक पूर्णिमा चुरिहार, कुलदीप इंगले एवं प्रवेश गुप्ता, आशीष गोस्वामी महिला बाल विकास विभाग, राजकुमार खण्डेलवाल विशेष पुलिस इकाई, शिवकन्या (आस संस्था) द्वारा कार्रवाई की गई। सुभाष पिता चंपालाल राठौर, ऑटो पाटर््स एंड सर्विस सेंटर, विदुर नगर, 60 फीट रोड, एवं नियोजक गोलू पिता दौलत सिंह साहू, गोपाल गैस वेल्डिंग इलेक्टिक एंड सर्विस पता हवा बंगला से 13 वर्ष के 2 बाल श्रमिक एवं 17 वर्ष के 1 किशोर श्रमिक को मुक्त कराया गया ।

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