
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के हालिया इंटरव्यू (interview) को लेकर कांग्रेस (Congress) नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि इस साल का केंद्रीय बजट कमजोर साबित हुआ है और इससे सरकार की नीतियों में थकान साफ दिखाई देती है। जयराम रमेश के अनुसार, बजट पेश होने के बाद बाजारों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही और निवेशकों पर इसका खास असर नहीं पड़ा। इसी वजह से प्रधानमंत्री ने बजट के करीब दो हफ्ते बाद इंटरव्यू दिया। उनका कहना है कि यह इंटरव्यू ऐसे समय आया है, जब संसद में भी बजट की कड़ी आलोचना हुई थी।
‘पहले से तय सवाल-जवाब वाला एक पीआर अभ्यास’
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के इंटरव्यू में ठोस जवाबों की जगह सिर्फ आकर्षक ‘वन-लाइनर’ बातें थीं, जिनका जमीन पर ज्यादा मतलब नहीं है। उनका कहना है कि यह कोई स्वतंत्र इंटरव्यू नहीं था, बल्कि पहले से तय सवाल-जवाब वाला एक ‘पीआर अभ्यास’ था। जयराम रमेश ने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सरकार दबाव में है। उनका आरोप है कि इस समझौते में किसानों के हितों से समझौता किया गया है और सरकार अब लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
पीएम मोदी बोले- बजट ‘साधारण बही-खाता’ नहीं बल्कि विकास का रोडमैप
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा- सरकार ‘लोक-लुभावन योजनाओं’ की बजाय उत्पादक खर्च पर ध्यान दे रही है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के वस्तु निर्यात ने लगातार रिकॉर्ड बनाए हैं। कठिन वैश्विक हालात के बावजूद भारत दुनिया में सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के बजट ‘साधारण बही-खाता’ नहीं बल्कि विकास का रोडमैप होते हैं।
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