मुंबई। नीरज पांडे (Neeraj Pandey) की नेटफ्लिक्स ऑरिजन फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ (Bribe-taking Pandit) को लेकर विवाद बढ़ने के बाद, नेटफ्लिक्स (Netflix) ने फिल्म का टीज़र और सभी प्रमोशनल सामग्री अपने प्लेटफॉर्म और अन्य सोशल मीडिया से हटा दिया है।
बीजेपी ने इस कदम का खुलासा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म से टीज़र और अन्य प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “इस तरह की कोई भी सामग्री, जो किसी समाज के खिलाफ हो, पूरी तरह अस्वीकार्य है। त्वरित कार्रवाई करते हुए नेटफ्लिक्स से फिल्म का टीज़र और प्रचार सामग्री हटवाया गया है और इस मामले में FIR भी दर्ज की गई है। यह स्पष्ट संदेश है कि सनातन धर्म का अपमान अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यावसायिक लाभ के लिए किसी भी जाति या समुदाय को नीचा दिखाने वालों के खिलाफ हम सख्त कदम उठाएंगे।”
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नेटफ्लिक्स इंडिया ने अपनी 2026 की लिस्ट जारी की, जिसमें ‘घूसखोर पंडत’ का नाम और उसका टीज़र शामिल था। सोशल मीडिया पर इसे लेकर विरोध शुरू हो गया, जिसके बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म और टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई। साथ ही, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को शिकायत के बाद नोटिस जारी किया।
नेटफ्लिक्स की प्रतिक्रिया और निर्माता का बयान:
शुक्रवार को नेटफ्लिक्स ने फिल्म की सभी प्रचार सामग्री हटा दी। इसके बाद नीरज पांडे और फिल्म के अन्य सदस्यों ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। नीरज ने कहा, “हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है। ‘पंडत’ शब्द केवल काल्पनिक किरदार के लिए इस्तेमाल किया गया है। कहानी किसी जाति, धर्म या समुदाय पर नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के कर्मों और चुनावों पर केंद्रित है।”
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