
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार (Central Government) ने स्पष्ट किया कि देश में घरेलू एलपीजी और सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतों में (In prices of domestic LPG and regular Petrol-Diesel in the Country) कोई वृद्धि नहीं की गई (There will be no Increase) ।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि उद्योगों और होटलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें अनियंत्रित होती हैं, बाजार द्वारा तय की जाती हैं और आमतौर पर हर महीने संशोधित की जाती हैं। देश में कुल खपत होने वाली एलपीजी में इनकी खपत 10 प्रतिशत से भी कम है। बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप, घरेलू उपभोक्ताओं को पूरी तरह से सुरक्षा मिलती रहेगी, क्योंकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपए पर ही बनी हुई है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसी तरह पीएमयूवाई योजना के तहत गरीबों के लिए एलपीजी सिलेंडरों की सब्सिडी वाली कीमत भी 613 रुपए पर ही बनी हुई है, उसमें भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।”
इसमें आगे कहा गया कि मौजूदा कीमतों पर पब्लिक सेक्टर की तेल मार्केटिंग कंपनियों को हर सिलेंडर पर 380 रुपए का नुकसान हो रहा है। मई के आखिर तक, कुल नुकसान लगभग 40,484 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। बयान में कहा गया कि पिछले साल भी, 60,000 करोड़ रुपए के कुल नुकसान में से 30,000 करोड़ रुपए तेल पीएसयू ने और 30,000 करोड़ रुपए भारत सरकार ने उठाए थे, ताकि भारतीय नागरिकों को एलपीजी की ऊंची अंतरराष्ट्रीय कीमतों से बचाया जा सके।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत में घरेलू एलपीजी की कीमत दुनिया में सबसे कम कीमतों में से एक है; इसकी तुलना में पाकिस्तान में कीमत 1,046 रुपए प्रति सिलेंडर है, श्रीलंका में 1,242 रुपए, और नेपाल में यह 1,208 रुपए है। बयान में यह भी साफ किया गया कि रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले जैसी ही हैं—क्रमशः 94.77 रुपए प्रति लीटर और 87.67 रुपए प्रति लीटर (दिल्ली की कीमतें)।
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