
पटनाः बिहार (Bihar) में भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ मुहिम जारी है. इसी कड़ी में, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ग्रामीण कार्य विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर (Assistant Engineer) नागेंद्र कुमार (Nagendra Kumar) के ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों की अवैध संपत्ति (Illegal Property) का खुलासा किया है. यह कार्रवाई तब की गई जब निगरानी विभाग को उनके आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी. छापेमारी में नकद, सोने के आभूषण, बैंक पासबुक और जमीन के डीड मिले हैं.
17 लाख 60 हजार रुपये नकद, 19 लाख 22 हजार रुपये के सोने के आभूषण, सात बैंक पासबुक, जमीन के चार डीड (दस्तावेज) के साथ दो कारों के कागजात मिले. यह पहली बार नहीं है जब नागेंद्र कुमार पर इस तरह की कार्रवाई हुई है. सूत्रों के अनुसार, पिछले साल भी एक सरकारी ठेके में अनियमितता को लेकर उनके खिलाफ जांच चल रही थी. उस समय उन पर ठेकेदारों से मिलीभगत कर सरकारी फंड में हेराफेरी का आरोप लगा था. हालांकि, उस मामले में पर्याप्त सबूतों की कमी के कारण जांच आगे नहीं बढ़ पाई थी.
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने ग्रामीण कार्य विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर नागेंद्र कुमार के पटना और गया स्थित तीन ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की थी. अधिकारियों के मुताबिक, नागेंद्र कुमार पर आय से अधिक 125 प्रतिशत संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि उन्होंने अपनी वैध आय से 73 लाख 32 हजार रुपए से ज्यादा की अवैध संपत्ति जमा की है.
ताजा छापेमारी ने उन पुराने आरोपों को फिर से हवा दे दी है और यह साबित कर दिया है कि नागेंद्र कुमार लंबे समय से भ्रष्टाचार में लिप्त थे. निगरानी विभाग ने अब सभी जब्त दस्तावेजों और बैंक पासबुकों की गहन जांच शुरू कर दी है. इस कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और भ्रष्ट अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved