
उज्जैन। त्योहारी सीजन में पुलिस को हिंसा से जुड़े इनपुट मिले हैं। जिसके मद्देनजर पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट पर रहने और त्योहारी सीजन में सतत निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही पुलिस अधिकारियों की छुट्टी पर भी रोक लगा दी है।
डीजीजी ने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों पर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए गंभीरता से योजना तैयार करने की हिदायत भी दी। हिंसा के इनपुट को लेकर पुलिस कितनी गंभीर है इसका पता विभाग द्वारा की जा रही कवायदों को देखने से भी मिलता है। पुलिस मुख्यालय से जो एडवायजरी जारी हुई है उसमें कहा गया है बहुत जरुरी होने पर ही अधिकारी छुट्टी लें। इसके अलावा अतिरिक्त बल के लिए भी तमाम जिलों से जानकारियां मांगी जा रही है। अशांति फैलाने वालों पर जिला बदर की कार्रवाई करने के भी निर्देश जारी किए हैं।इसके साथ ही पुलिस के तमाम बड़े अधिकारियों को जिला मुख्यालय नहीं छोडऩे की हिदायत भी दी गई है। इतनी जद्दोजहद इसलिए क्योंकि हाल के सालों में राज्य में त्योहारों के दौरान हिंसा का इतिहास रहा है। पहले उस पर निगाह डाल लेते हैं। अभी बीते दिनों ही रतलाम में गणेशोत्सव के दौरान हिंसा हुई थी। जिसके बाद जिले के पुलिस कप्तान का तबादला किया गया है। राज्य की खुफिया एजेंसियों को त्योहारी मौसम में और भी कुछ जिलों से गड़बड़ी के इनपुट मिले हैं। जिसके बाद पुलिस सतर्क हो गई है। डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना ने खुद कमान संभालते हुए सभी पुलिस कमिश्नर और एसपी को त्यौहारी सीजन में अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने बताया कि हम रोजाना सभी से फीडबैक ले रहे हैं और लगातार बैठकें कर रहे हैं। त्योहार के दौरान निकलने वाली झांकी के लिए नोडल अफसर भी बना दिए गए हैं। जाहिर है त्योहारी सीजन में लोग सुकून और शांति के साथ पूजा कर पाएं इसके लिए पुलिस विभाग ने कमर कस ली है।
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