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जो बनाते हैं हवा में बातों के महल आओ उनसे कुछ ज़मीनी बात करें – सपा प्रमुख अखिलेश यादव

February 10, 2026


नई दिल्ली । सपा प्रमुख अखिलेश यादव (SP chief Akhilesh Yadav) ने कहा कि जो बनाते हैं हवा में बातों के महल (Those who build castles in the Air) आओ उनसे कुछ ज़मीनी बात करें (Let’s Talk to them on the Ground) ।


  • सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान कहा, “भाजपा का पक्ष है कि हमने दुनिया में बहुत देशों से एफटीए कर लिया है… जो लोग कभी रुपए के बारे में बहुत चिंता करते थे कभी उम्र से कभी दूसरे तरीके से, इतने एफटीए के बाद हमारा रुपया कहां पहुंचेगा? अमेरिका से डील नहीं ढील हुई है। 500 बिलियन डॉलर का व्यापार? एकतरफा? हमारी आत्मनिर्भरता कहां जाएगी? स्वदेशी नारा कहां जाएगा? हमारे देश की जनता भाजपा से कह रही है जहां तक हमें मालूम है डील एकतरफा नहीं होती है। जनता जानना चाहती है कि 0 बड़ा कि 18?” लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “…अमेरिका से डील नहीं हुई है…क्यों झूठे ख्यालों में दिन-रात करें, जो बनाते हैं हवा में बातों के महल आओ उनसे कुछ ज़मीनी बात करें…”

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में बजट पर बोलते हुए सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ हुए कथित ‘डील’ और बजट की प्राथमिकताओं पर सरकार को घेरा। यादव ने कहा कि यह ‘डील’ नहीं बल्कि ‘ढील’ साबित हुई है, जिसका देश की अर्थव्यवस्था और किसानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अखिलेश यादव ने बजट आने से पहले और बाद में अमेरिका के साथ हुई ‘डील’ को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील करने का दावा किया है, लेकिन अब सवाल यह है कि कितने देश बचे हैं जिनसे ऐसी डील नहीं हुई है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस ‘डील’ के बाद रुपये की स्थिति क्या होगी और पूछा कि अगर यही डील करनी थी तो पहले क्यों नहीं की गई। उनके अनुसार, यह ‘डील’ देश के लिए कोई बड़ा लाभ नहीं बल्कि एक प्रकार की ‘ढील’ है, जिससे देश को यह तय करना होगा कि 18 बड़ा है या जीरो, और बजट पहले बना या डील पहले हुई।

    यादव ने वर्तमान बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने बड़े बजट लाए जा रहे हैं, तो भी प्रति व्यक्ति आय क्यों नहीं बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से फ्री राशन पाने वाले लोगों की प्रति व्यक्ति आय बताने की मांग की। बजट में उत्तर प्रदेश की उपेक्षा की बात उठाते हुए यादव ने कहा कि यूपी जैसे बड़े प्रदेश के लिए कोई खास योजना इस बजट में नहीं आई है, जिससे कि यूपी के 25 करोड़ लोगों को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके, जबकि यहां डबल इंजन की सरकार है। उन्होंने कहा, “यूपी से प्रधानमंत्री आते हैं, लेकिन भारत सरकार के बजट से वहां कोई भी एक्सप्रेसवे नहीं बन सका है, जो बने भी हैं, उस क्वालिटी के नहीं हैं, जैसे विकसित भारत की क्वालिटी होनी चाहिए।” उन्होंने भ्रष्टाचार की बात करते हुए कहा कि इस पर सवाल उठाने वालों को देखना चाहिए कि अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से कोई एक्सप्रेसवे बन रहा था लेकिन बनने के साथ-साथ उसका नाम भी बदल दिया गया। पहले चंबल फिर अटल जी के नाम पर… अखिलेश ने कहा ऐसा लग रहा वह बस कागजों पर बन रहा था।

    अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी लेकिन इस डील के बाद हमारे किसानों का हाल क्या होगा? जब सब कुछ विदेश से ही आएगा, किसान क्या उगाएगा और क्या बेच पाएगा। अखिलेश ने कहा कि सरकार ने एग्री इंफ्रा, मंडिया तैयार करने की बात कही थी लेकिन किसानों को आज भी एमएसपी की कानूनी गारंटी सरकार नहीं दे पाई। सरकार हर्टिकल्चर क्रॉप्स और दुग्ध उत्पादन के आंकड़े गिनाती है लेकिन ये बताए कि एमएसपी की गारंटी कब देंगे? यादव ने कहा कि अगर किसानों को लाभ नहीं मिलेगा, तो वो अपना घर कैसे चलाएंगे, बच्चों को कैसे पढ़ाएंगे, बेटियों को विदा कैसे करेंगे। आज सोने के भाव कहां पहुंच गए? पहले गरीब सोचता था कि बिटिया की विदाई में सोने का कुछ दे देंगे, यही सरकार चलती रही तो चांदी दूर, लोहे पर पीतल का पानी चढ़ाकर भी वह बेटी की विदाई नहीं कर पाएगा।

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