
नई दिल्ली । हिंदू धर्म (Hindu Religion) में हर कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) की अंतिम तिथि या 15वीं तिथि को अमावस्या (Amavasya) पड़ती है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि का विशेष वर्णित है। अमावस्या तिथि को पितरों को मोक्ष प्रदान करने वाली बताया गया है। इन अमावस्या में पौष मास की अमावस्या सबसे खास होती है। पौष मास की अमावस्या को शीघ्र फल प्रदान करने वाली माना गया है। इस दिन स्नान, दान व जप का भी विशेष महत्व है।
23 दिसंबर 2022, शुक्रवार को साल की आखिरी अमावस्या है। मान्यता है पौष मास में पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान करने से वे सीधे बैकुंठ में प्रवेश करते हैं। इस माह में खरमास के समय कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
पौष मास की अमावस्या के दिन जरूर करें ये काम-
1. अमावस्या के दिन श्रीकृष्ण की अराधना करने और भागवत गीता का पाठ करना बेहद शुभ माना गया है।
2. अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करना अति शुभ माना गया है।
3. पितरों की सुख-शांति के लिए अमावस्या के दिन गरीबों को दान करना शुभ माना गया है।
4. मान्यता है कि अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
5. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या पर तुलसी के पौधे पर परिक्रमा करने भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।
6. मान्यता है कि अमावस्या के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देना शुभ होता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved