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आज निगम को मिलेंगे तीन नए मैदानी अधिकारी, भागीरथपुरा के बड़े क्षेत्र में बंटा है दूषित पानी, इसलिए लगातार अभी भी मिल रहे हैं मरीज, जिम्मेदारी भी करेंगे तय

January 01, 2026

  • अग्रिबाण से बोले अपर मुख्य सचिव, सुबह से संभाला मोर्चा, चैम्बर, लाइनें की चैक, बंट रहा पानी खुद पीकर भी देखा

इंदौर। कल रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भागीरथपुरा में हुए जल जनित हादसे को लेकर अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उसके बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ इस पूरे मामले की समीक्षा भी की और अपर मुख्य सचिव संजय दुबे को मैदानी निरीक्षण कर उचित कार्रवाई का जिम्मा सौंपा। नतीजतन आज सुबह श्री दुबे ने भागीरथपुरा पानी की टंकी से लेकर पूरे क्षेत्र का सघन निरीक्षण आयुक्त दिलीप कुमार यादव और अन्य अधिकारियों के साथ किया। अग्रिबाण से चर्चा करते हुए श्री दुबे ने बताया कि आज शाम तक इंदौर निगम को तीन नए अधिकारी मिल जाएंगे, जिनकी पोस्टिंग के ऑर्डर भोपाल से जारी हो रहे हैं।

अपर मुख्य सचिव श्री दुबे ने बताया कि भागीरथपुरा के बड़े क्षेत्र में दूषित पानी सप्लाय हुआ है और यही कारण है कि अभी भी लगातार मरीज मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार नगर निगम में अधिकारियों की कमी है, जिसके चलते तीन नए अधिकारियों की पदस्थापना भी की जा रही है। आज शाम तक ही उनके आदेश जारी कर दिए जाएंगे। श्री दुबे ने कुछ अधिकारियों पर लग रहे आरोपों के संबंध में कहा कि उनके पास काम का दबाव भी अत्यधिक है और इस पूरे मामले में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

एक दिन पूर्व कुछ अधिकारियों के निलंबन के साथ अन्य कार्रवाई हुई है और जांच समिति का गठन भी किया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे द्वारा भागीरथपुरा पानी की टंकी एवं आस पास के क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव साथ थे। अपर मुख्य सचिव श्री दुबे एवं निगम आयुक्त श्री यादव द्वारा भागीरथपुरा पानी की टंकी पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली गई, इस दौरान अपर मुख्य सचिव एवं निगम आयुक्त के समक्ष ही भागीरथपुरा पानी की टंकी से आज जलप्रदाय किया गया, जल प्रदाय के दौरान क्षेत्र के हर बस्ती एवं कॉलोनी में निगम की टीम को तैनात किया गया, जिनके द्वारा पानी को चेक किया जा रहा था। इसके पश्चात माननीय अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं नियम आयुक्त द्वारा भागीरथ पूरा क्षेत्र का निरीक्षण किया गया।


भावुक हुए विजयवर्गीय, दो रात से सोया नहीं, गलत शब्दों के लिए माफी मांगी
दूषित पानी पीने से हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद उपजे तनाव के बीच, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट करते हुए स्वीकार किया कि क्षेत्र की गंभीर स्थिति और अपनों को खोने के दुख के बीच मीडिया के एक सवाल पर उनके शब्द गलत निकल गए थे। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।

अपने पोस्ट में विजयवर्गीय ने लिखा कि वे और उनकी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में स्थिति सुधारने में जुटी है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, दूषित पानी से मेरे लोग पीडि़त हैं और कुछ हमें छोडक़र चले गए। इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए, इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक उनके क्षेत्र के लोग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, वे शांत नहीं बैठेंगे। मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया था कि यह एक अक्षम्य अपराध है और इसमें लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो।

40 हजार घरों की जांच में अब तक ढाई हजार से अधिक मिले बीमार
भागीरथपुरा में हुए हादसे के बाद कल मुख्यमंत्री शाम को इंदौर पहुंचे और रात तक अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात करने के अलावा जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों के साथ पूरे मामले की समीक्षा की और अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन और विकास विभाग को उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में बताया कि 40 हजार से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें ढाई हजार से अधिक मामलों में बीमारी के लक्षण मिले।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंदौर में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति और अब तक की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ऐसे इंतजाम सुनिश्चित किये जायेंगे जिससे की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्पमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव सीएम सचिवालय नीरज मण्डलोई, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव, एमआईसी मेम्बर श्री अभिषेक शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे को इंदौर में ही तैनात रहने के निर्देश दिए हैं।

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