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9 जनवरी की 10 बड़ी खबरें

January 09, 2026

1. भारत के सरकारी प्रोजेक्ट्स में होगी चीन की वापसी, चीनी कंपनियों पर पाबंदियों में ढील की तैयारी

भारत सरकार (Government of India) उन चीनी कंपनियों (Chinese companies) पर से पाबंदियां हटाने की योजना बना रही है जो सरकारी ठेकों (Government contracts) के लिए बोली लगाती हैं। सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय उन नियमों को खत्म करने की तैयारी में है, जिनके तहत चीनी कंपनियों को भारत में सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाने से पहले कड़ी सुरक्षा जांच और रजिस्ट्रेशन से गुजरना पड़ता था। साल 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प के बाद ये पाबंदियां लगाई गई थीं। इसकी वजह से चीनी कंपनियां करीब 700-750 अरब डॉलर के भारतीय सरकारी ठेकों की दौड़ से बाहर हो गई थीं। पाबंदियों के तहत चीनी कंपनियों को बोली लगाने के लिए भारतीय सरकारी समिति के साथ रजिस्ट्रेशन करवाना और राजनीतिक और सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करना जरूरी था। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से कहा कि अधिकारी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता को हटाने पर काम कर रहे हैं। इस संबंध में पीएमओ अंतिम निर्णय लेगा।

2. कोलकाता में ED के छापे से राजनीतिक भूचाल… दिल्‍ली में अमित शाह के आवास के बाहर TMC का प्रदर्शन

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) की छापेमारी को लेकर गुरुवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में भूचाल आ गया. कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (Political consultancy firm Indian Political Action Committee – I-PAC) और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के ठिकानों पर हुई कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के मौके पर पहुंचने से मामला हाईवोल्टेज ड्रामे और गंभीर कानूनी टकराव में बदल गया. अब यह पूरा प्रकरण राज्य बनाम केंद्र की लड़ाई के साथ-साथ अदालत की चौखट तक पहुंच चुका है. ED ने कलकत्ता हाकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि साल 2020 के कथित कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान उसके अधिकारियों को बाधा का सामना करना पड़ा।

पाकिस्तान (Pakistan) ने गुरुवार को कहा कि सिंधु नदी जल समझौते (Indus Water Treaty- IWT) के तहत उसे मिली पश्चिमी नदियों पर नई दिल्ली यदि किसी तरह की गतिविधि या नियमों का उल्लंघन करती है तो वह उसे भारत के साथ राजनीतिक एवं कूटनीतिक स्तर पर उठाएगा। साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने यह भी कहा कि IWT एक बाध्यकारी व्यवस्था बना हुआ है और इस संधि को रोकने का कोई प्रावधान नहीं है। बता दें कि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के के एक दिन बाद यानी 23 अप्रैल को भारत ने पाकिस्तान को सजा देने वाले कई प्रतिबंधात्मक कदम उठाए, जिसमें 1960 के IWT को स्थगित करना भी शामिल था। विश्व बैंक बैंक की तरफ से कराए गए IWT ने 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी उप नदियों के बंटवारे और इस्तेमाल को नियंत्रित किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के निमंत्रण पर जर्मनी (German) के संघीय चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (Friedrich Merz) भारत (India) की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने जानकारी दी है कि दोनों नेताओं के बीच 12 जनवरी को गुजरात के अहमदाबाद में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी। चांसलर मर्ज 12 और 13 जनवरी 2026 को भारत के दौरे पर रहेंगे। यह मुलाकात दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि हाल ही में भारत और जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी ने अपने 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस बैठक के दौरान दोनों नेता इस साझेदारी में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य में रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए रूपरेखा तैयार करेंगे।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee), वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जांच (Investigation) की मांग करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) का दरवाजा खटखटाया है। ईडी का आरोप है कि कोलकाता में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC और उसके निदेशक के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान राज्य मशीनरी ने बाधा डाली और सर्च ऑपरेशन को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया। वहीं मामले में टीएमसी ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए ईडी के खिलाफ याचिका दायर की है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने कोलकाता में I-PAC ऑफिस पर ईडी की छापेमारी के संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी है।

6. ‘PM मोदी ने व्यापार समझौते के लिए ट्रंप को फोन नहीं किया था’, भारत ने अमेरिका के झूठ पर दिया बड़ा बयान

अमेरिकी वाणिज्य सचिव (US Secretary of Commerce) की टिप्पणियों (Comments) पर भारत (India) ने बड़ा बयान दिया है। भारत ने कहा, हमने ये टिप्पणियां देखी हैं। भारत और अमेरिका (America) पिछले साल 13 फरवरी को ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreements) पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे। तब से, दोनों पक्षों ने संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है। कई मौकों पर हम समझौते के बेहद करीब पहुंचे। खबरों में इन चर्चाओं का जो वर्णन किया गया है, वह सटीक नहीं है।

अमेरिका (America) की ओर से भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ (500 percent tariff) लगाने की चर्चाओं के बीच भारत के विदेश मंत्रालय का दो टूक जवाब आया है. भारत ने कहा है कि हमने यह साफ कर दिया है कि हमारे एनर्जी से जुड़े फैसले मार्केट की स्थितियों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं और 1.4 अरब भारतीयों के लिए एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करते हैं. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका में टैरिफ से जुड़ी चर्चाओं का जवाब दिया. बता दें कि अमेरिका पहले से ही भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा चुका है. लेकिन भारत की इकोनॉमी पर कुछ खास असर डालने में फेल रहा अमेरिका अब भारत, चीन, ब्राजील जैसे देशों पर टैरिफ 500 फीसदी करना चाहता है. इस बिल को सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पेश किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने 7-8 जनवरी 2026 को इस बिल को हरी झंडी दी थी.

8. बांग्लादेश हिंसा पर भारत की दो टूक, विदेश मंत्रालय ने कहा- अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न निंदनीय, खतरे में सुरक्षा

विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Spokesperson Randhir Jaiswal) ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान बांग्लादेश (Bangladesh) में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर चिंता जताई। जायसवाल ने कहा, हम लगातार देख रहे हैं कि चरमपंथियों की ओर से अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। यह चिंताजनक सिलसिला है। ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तत्काल और सख्ती से निपटना जरूरी है। ऐसी घटनाओं को व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता, राजनीतिक मतभेद या बाहरी कारणों से जोड़ने की प्रवृत्ति चिंताजनक है। इस तरह की अनदेखी अपराधियों को और भी बेखौफ बनाती है और अल्पसंख्यकों के बीच खौफ और असुरक्षा की भावना को और गहरा करती है।


  • 9. Budget 2026: पहली बार रविवार को पेश होगा बजट, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

    इस बार देश का बजट-2026 (Budget 2026) एक फरवरी यानी रविवार को पेश होगा. संसद का बजट सत्र (Parliament’s budget session) 28 जनवरी से शुरू होगा और दो अप्रैल तक चलेगा. राष्ट्रपति (President) ने इसे मंजूरी दे दी है. 28 जनवरी को राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा. 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश होगा. रविवार होने के बावजूद एक फरवरी को बजट पेश किया जाएगा. बजट सत्र का पहला चरण तेरह फरवरी को समाप्त होगा. दूसरा चरण नौ मार्च को आरंभ होगा और दो अप्रैल तक चलेगा. संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा तय किए गए संभावित कार्यक्रम का हवाला देते हुए अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी. साल के पहले सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति का पारंपरिक अभिभाषण होता है. बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण 29 जनवरी को दोनों सदनों की बैठक नहीं होगी.

    10. सस्ता तेल खरीदने पर हमारा फोकस…500% टैरिफ लगाने की चर्चाओं के बीच आया भारत का दो टूक जवाब

    अमेरिका (America) की ओर से भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ (500 percent tariff) लगाने की चर्चाओं के बीच भारत के विदेश मंत्रालय का दो टूक जवाब आया है. भारत ने कहा है कि हमने यह साफ कर दिया है कि हमारे एनर्जी से जुड़े फैसले मार्केट की स्थितियों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं और 1.4 अरब भारतीयों के लिए एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करते हैं. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका में टैरिफ से जुड़ी चर्चाओं का जवाब दिया. बता दें कि अमेरिका पहले से ही भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा चुका है. लेकिन भारत की इकोनॉमी पर कुछ खास असर डालने में फेल रहा अमेरिका अब भारत, चीन, ब्राजील जैसे देशों पर टैरिफ 500 फीसदी करना चाहता है. इस बिल को सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पेश किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने 7-8 जनवरी 2026 को इस बिल को हरी झंडी दी थी.

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  • Budget to be Presented on a Sunday for the First Time; President Gives Approval

    Fri Jan 9 , 2026
    New Delhi: This year, the country’s Budget 2026 will be presented on February 1st, a Sunday. The Parliament’s Budget Session will begin on January 28th and continue until April 2nd. The President has given her approval. The President’s address will be delivered on January 28th. The Economic Survey will be presented on January 29th. Despite […]
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