
1. ईरान के राष्ट्रपति ने PM मोदी से की अमेरिका-इजरायल को हमला करने से रोकेने की अपील
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष (Middle East Conflict) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन (Iranian President Masoud Pezeshkian) से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मार्ग को सुरक्षित रखने की भी अपील की। ईरान के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के समक्ष विदेशी हस्तक्षेप के बिना क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए पश्चिम एशियाई देशों को शामिल करते हुए एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। वार्ता के ईरानी ब्योरे के अनुसार, पेजेश्कियन ने भारत से आग्रह किया कि वह ब्रिक्स (BRICS) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की शत्रुता को रोकने के लिए अपनी स्वतंत्र भूमिका का लाभ उठाए।
देश की रक्षा तैयारियों (Country Defense Preparedness) और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने बड़ी घोषणाएं की हैं। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल (Sainik School Ghorakhal) के डायमंड जुबली समारोह (Diamond Jubilee Celebration) को संबोधित करते हुए उन्होंने देश भर में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने और एनसीसी (NCC) कैडेटों की संख्या में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। रक्षा मंत्री ने युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति के मूल्यों को समाहित करने के उद्देश्य से नेशनल कैडेट कोर (NCC) के विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा, “हमने एनसीसी में रिक्तियों की संख्या बढ़ा दी है। पहले जहां भर्ती का लक्ष्य 17 लाख (1.7 मिलियन) था, अब इसे बढ़ाकर 20 लाख (2 मिलियन) करने का निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक बच्चों को राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक संस्कार सीखने का अवसर मिलेगा।”
3. वाशिंगटन एक्सामिनर का दावा- भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर बन सकता है एक समृद्ध राष्ट्र
भारत (India) को दुनिया एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति (Emerging Economic Power) के रूप में देख रही है। 2047 में अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर देश एक समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। यह दावा वाशिंगटन एक्सामिनर की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दशक में भारत ने मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। 2003 से अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था ने औसतन 7 फीसदी से अधिक वार्षिक वृद्धि दर हासिल की है। अगर यह आर्थिक गति अगले 20 साल तक बनी रहती है तो भारत उच्च-आय श्रेणी को पार कर सकता है। 2025 की कीमतों पर प्रति व्यक्ति जीडीपी 15,000 डॉलर के पार निकल सकती है। लगातार इस स्तर पर वृद्धि करने से भारत मध्य-आय के जाल यानी मध्य आय वर्ग से बाहर निकलने में सफल हो सकता है। ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाएं इस जाल में उलझकर रह गई हैं।
4. PM मोदी ने रचा इतिहास: पवन चामलिंग को पछाड़ भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बने
भारत (India) की राजनीति (Politics) में एक बड़ा इतिहास रचते हुए प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अब देश के सबसे लंबे समय तक सरकार (Government) चलाने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने सिक्किम (Sikkim) के पूर्व मुख्यमंत्री (Former Chief Minister) पवन कुमार चामलिंग (Pawan Kumar Chamling) का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। देखा जाए तो यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि दशकों तक लगातार नेतृत्व, जनसमर्थन और राजनीतिक स्थिरता की कहानी भी है। पीएम मोदी अब तक कुल 8931 दिन सरकार के मुखिया (हेड ऑफ गवर्नमेंट) के रूप में काम कर चुके हैं। इसमें उनका गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल शामिल है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पवन कुमार चामलिंग के नाम था, जिन्होंने 8930 दिन तक यह जिम्मेदारी संभाली थी। पीएम मोदी की यह उपलब्धि भारत के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।
5. मध्य-पूर्व में जारी जंग के बीच खुशखबरी! LPG लेकर भारत के पोर्ट पर पहुंचा जहाज
मध्य-पूर्व में जारी ईरान-इजरायल टेंशन (Iran-Israel Tensions) के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। जहां एक तरफ ग्लोबल लेवल पर एनर्जी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ भारत के न्यू मंगलुरु पोर्ट पर LPG की बड़ी खेप लेकर एक कार्गो जहाज पहुंच गया है। कार्गो जहाज ‘PYXIS PIONEER’ आज (रविवार को) अमेरिका के टेक्सास के The Port of Nederland से रवाना होकर भारत के न्यू मंगलुरु बंदरगाह पर लंगर डालकर रुका। पोर्ट अफसरों के अनुसार, यह कार्गो जहाज लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस की बड़ी मात्रा लेकर भारत आया है, जिससे देश में गैस की सप्लाई को मजबूती मिलेगी।
अमेरिका-इजरायल और ईरान (America, Israel, and Iran) के बीच जारी युद्ध के बीच एनर्जी प्लांट्स पर हमलों ने वैश्विक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है. तेल और गैस संकट पहले से बढ़ा हुआ है और अब इसके और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. दुनिया के 22 देशों ने मिलकर ईरान से हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की अपील की है. इसी बीच भारत सरकार ने भी अपना प्लान-बी (Modi Govt Plan-B) एक्टिव कर दिया है और फ्यूल सप्लाई समेत शिपिंग सुरक्षा के उपाय तेज कर दिए हैं. सरकारी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. इसके अलावा खाड़ी में भारतीय जहाजों की भी कड़ी निगरानी की जा रही है.
7. मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच एक्शन में PM मोदी! ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा फैसला तय
मिडिल ईस्ट में जारी जंग (War in Middle East) ने ग्लोबल लेवल पर बैचेनी बढ़ा दी है. जहां ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बीते 23 दिन से लड़ाई जारी है. इसकी वजह से दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है. इसी समस्या को हल करने के लिए रविवार (22 मार्च 2026) की शाम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अहम बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक में सरकार के कई बड़े मंत्री शामिल होंगे और देश की ऊर्जा से जुड़ी स्थिति की समीक्षा की जाएगी.
राजनीति में टाइमिंग का बड़ा महत्व होता है. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव जीता है. संसदीय नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति विधान परिषद (MLC) का सदस्य रहते हुए राज्यसभा के लिए निर्वाचित होता है, तो उसे एक निश्चित समय सीमा के भीतर राज्य सदन की सदस्यता छोड़नी पड़ती है. यानी अब स्पष्ट है कि बिहार की सियासत में ‘नीतीश युग’ के अंत और एक नए अध्याय की शुरुआत की सुगबुगाहट अब ठोस आकार लेने लगी है. चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक सुनियोजित रणनीति के तहत बिहार की सत्ता की चाबी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सौंपने की तैयारी कर चुके हैं. जानकारी यह भी सामने आ रही है कि नीतीश कुमार एक नहीं, बल्कि दो चरणों में इस्तीफा देने वाले हैं. मगर सवाल यह कि आखिर ऐसा क्यों होगा?
मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. इस बैठक का मुख्य एजेंडा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुए ऊर्जा संकट से निपटना और भारत में तेल, गैस और उर्वरक की सप्लाई आपूर्ति सुनिश्चित करना है. सूत्रों के अनुसार, बैठक में पेट्रोलियम और बिजली मंत्रालय के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी शामिल होंगे. 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण कर जहाजों की आवाजाही को सीमित करने से वैश्विक शिपिंग रूट बुरी तरह प्रभावित हुआ है. चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए इस समुद्री मार्ग की नाकेबंदी भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक चुनौती बन गई है.
10. दुश्मनों को छोड़ सबके लिए खुला है होर्मुज…ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद ईरान का बयान
ईरान और अमेरिका (Iran and the United States) के बीच चल रही तनातनी अब एक खतरनाक मोड़ पर है. दुनिया के सबसे जरूरी तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान के रुख अचानक बदलते दिख रहे हैं. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी थी कि अगर 48 घंटे के भीतर यह समुद्री रास्ता नहीं खुला, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों को निशाना बनाएगा. इस धमकी के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें थोड़ी नरमी और कुछ शर्तें साफ झलक रही हैं.
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