
समझाइश के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में लगातार हो रहा था नियमों का उल्लंघन
रेडिसन पर लंबी दूरी और उपनगरीय बसों की शामत आई
इंदौर। प्रतिबंधित क्षेत्र में लगातार कार्रवाई और समझाइश के बाद भी लगातार ई-रिक्शा ( e-rickshaws) और ऑटो (Auto) के प्रवेश पर कल यातायात पुलिस (Traffic Police) ने रात में पहुंचकर कार्रवाई की। ट्रैफिक डीसीपी आनंद कलादगी खुद इस कार्रवाई के दौरान पूरे समय टीम के साथ खड़े रहे। 45 ई-रिक्शा, ऑटो और चार पहिया के चालान बनाए गए।
यातायात पुलिस ने कल राजबाड़ा के सामने खड़े ई-रिक्शा, ऑटो के साथ ही चार पहिया को भी चेतावनी दी। ये लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। लगातार कार्रवाई और समझाइश के बाद भी जब इनपर असर नहीं हुआ, तो ट्रैफिक डीसीपी कल खुद एडिशनल डीसीपी (पश्चिम) संतोष कुमार कौल और टीम के साथ कार्रवाई करवाने के लिए मौके पर पहुंचे। ये पूरा क्षेत्र ई-रिक्शा और ऑटो के लिए प्रतिबंधित है, बावजूद इसके यहां लगातार इनकी आवाजाही से यातायात बाधित हो रहा था। वहीं, राजबाड़ा के सामने भी कई चार पहिया के हर दिन खड़े होने की शिकायत मिल रही थी। एडिशनल डीसीपी कौल ने बताया कि 45 के चालान बनाए हैं। ई-रिक्शा सुभाष चौक वाले क्षेत्र में भी खड़े रहकर यातायात बाधित करते हैं, इनपर भी चालानी कार्रवाई की गई है, जो लगातार जारी रहेगी।
देवास-इंदौर बस में मिली क्षमता से अधिक सवारी
कल रात इसी समय रेडिसन पर लंबी दूरी और उपनगरीय बसों की जांच हुई। सूबेदार अरुण सिंह और उनकी टीम ने यहां से गुजरने वाली और अवैध रूप से चौराहे पर खड़े होकर सवारी बैठाने वाली बसों पर कार्रवाई की। इस दौरान विभिन्न धाराओं में 12 बसों के चालान बनाए गए। सूबेदार अरूण सिंह ने बताया कि लगातार इन्हें लेकर शिकायत मिल रही थी। शाम साढ़े छह बजे से रात नौ बजे तक ये बसें इस रोड पर कहीं भी खड़ी होकर सवारी बैठाती है, जिससे अन्य वाहन चालक परेशानी होते हैं। कई बार समझाइश के बाद भी नहीं मानने पर चालान बनाए गए। एक स्लीपर बस बिना परमिट के मिली, तो एक इंदौर-देवास बस में क्षमता से अधिक सवारी मिली। इसका कोर्ट का चालान बनाया गया और बस जब्त की गई।
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