कीव। रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रही जंग (Russia-Ukraine war) को खत्म करने के लिए अमेरिका ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराने के लिए अमेरिका ने पहला पड़ाव पार भी कर लिया है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने अमेरिका की शिकायत भी की। दबी आवाज में जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार यूक्रेन के साथ प्रस्तावित खनिज समझौते की शर्तों में बदलाव कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कीव इस समझौते के खिलाफ नहीं है और वह नहीं चाहते कि वॉशिंगटन को ऐसा लगे।
जेलेंस्की ने कहा, “हम अमेरिका के साथ इस समझौते को लेकर काम कर रहे हैं, लेकिन इसकी शर्तें बार-बार बदली जा रही हैं। हम इसे लेकर पारदर्शिता चाहते हैं, ताकि दोनों देशों के हितों को नुकसान न पहुंचे।”
समझौते का उद्देश्य और यूक्रेन की चिंताएं
यह समझौता अमेरिका और यूक्रेन के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य यूक्रेन के महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों का दोहन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है। अमेरिका अपनी औद्योगिक और सैन्य आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को सुरक्षित करना चाहता है, यूक्रेन के समृद्ध संसाधनों का लाभ उठाने के लिए इस समझौते पर जोर दे रहा है।
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