
नई दिल्ली: ईरान (Iran) से जारी सीजफायर के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने टैरिफ को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने बुधवार को कहा कि जिन भी देशों ने ईरान को हथियार देकर उसकी मदद की, हम उनपर 50 फीसदी टैरिफ लगा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान से सीजफायर होने के बाद अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ये बाते कही.
उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा, जिसके बारे में हमने यह तय किया है कि वह एक बहुत ही फ़ायदेमंद ‘शासन परिवर्तन’ (Regime Change) से गुज़रा है! अब यूरेनियम का संवर्धन नहीं होगा, और संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर, ज़मीन में दबी हुई (B-2 बॉम्बर्स) सारी परमाणु “धूल” को खोदकर निकाल देगा. यह अभी भी, और पहले भी, बहुत ही कड़ी सैटेलाइट निगरानी (Space Force!) के तहत रहा है. हमले की तारीख से लेकर अब तक किसी भी चीज़ को छुआ नहीं गया है.
हम ईरान के साथ टैरिफ़ और प्रतिबंधों में राहत देने के बारे में बातचीत कर रहे हैं, और आगे भी करते रहेंगे. 15 में से कई बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन चुकी है. जो भी देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेगा, उसके द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका को बेचे जाने वाले सभी सामानों पर तुरंत 50% का टैरिफ़ (शुल्क) लगा दिया जाएगा; यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होगा. इसमें कोई छूट या रियायत नहीं दी जाएगी!
आपको बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर के ऐलान के 12 घंटे भी पूरे नहीं हुए और मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हमले शुरू हो गए. पहले ईरान के रिफाइनरी पर अमेरिका और इजरायल ने हमला किया. वहीं अब इसके जवाब में ईरान ने भी हमले शुरू कर दिए हैं. ईरान ने UAE और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.
दो हफ्तों के सीजफायर पर बनी थी सहमति
आज सुबह करीब साढ़े 4 बजे (भारतीय समयानुसार) अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर पर सहमति बनी थी. लेकिन कुछ ही घंटों बाद ईरान की तेल रिफाइनरी में बड़ा धमाके होने की खबर आई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये रिफाइनरी लावन द्वीप में है. आपको बता दें कि लावन द्वीप फारस की खाड़ी में है. फारस की खाड़ी में स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आईलैंड हैं. खास बात ये है कि लावन ईरान के प्रमुख कच्चा तेल निर्याता टर्मिनल में से एक है.
ईरान ने फिर तेज किए हमले
इस हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया. IRIB की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कुवैत और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइन और ड्रोन अटैक किए हैं. ईरान ने इस सीजफायर को भी अपनी जीत बताया. ईरान ने कहा कि अमेरिका को 10-सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इस प्रस्ताव में स्थायी युद्धविराम, सभी प्रतिबंधों को हटाना और इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू सेनाओं की वापसी शामिल है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved