उज्जैन। हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) पर शिप्रा नदी (Shipra River) में स्नान प्रतिबंधित था, इस बात की कोई सूचना प्रशासन द्वारा एक दिन पूर्व श्रद्धालुओं (former devotees) के लिए जारी नहीं की गई। जब यहां उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के युवक की डूबने से मौत हुई, तो इस क्षेत्र को एएसपी अमरेंद्रसिंह ने प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करते हुए प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया तथा चर्चा में मीडिया से कहाकि यहां तो वैसे ही स्नान प्रतिबंधित है। लोगों को आना ही नहीं चाहिए?
कोरोनाकाल में शिप्रा स्नान प्रतिबंधित किया गया था। गत शनिश्चरी अमावस्या पर उज्जैन के त्रिवेणी संगम पर भी तीर्थ स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन रविवार को हरियाली अमावस्या पर तीर्थ स्नान प्रतिबंधित रहेगा, ऐसी कोई सूचना जनसाधारण को या श्रद्धालुओं को नहीं थी। लोगों का आरोप है कि यदि तीर्थ स्नान प्रतिबंधित था तो सूचित करना था। साथ ही रविवार सुबह से अपरांह तक लोग यहां स्नान करते रहे, पुलिस गश्त करती रही। किसी ने श्रद्धालुओं को नहीं रोका। युवक की डूबने से मौत हुई तो तुरंत बेरीकेड्स लगाकर घाटों पर प्रवेश रोक दिया गया।
एएसपी अमरेंद्रसिंह का कहना है कि शिप्रा में स्नान पूर्व से प्रतिबंधित है। लोगों को आना ही नहीं चाहिए था। उन्होंने कहाकि शिप्रा स्नान पूर्व से ही प्रतिबंधित है।
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