
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच हुए संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को देने का दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shahbaz Sharif) को फोन कर धमकी दी कि अगर युद्ध जारी रहा तो 200% टैरिफ लगा दिया जाएगा। इसके बाद दोनों देशों ने सीजफायर को मान लिया।
ट्रंप ने गुरुवार को वाइट हाउस में बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में कहा, “मैंने दोनों नेताओं को फोन किया और स्पष्ट कर दिया कि यदि लड़ाई जारी रही, तो कोई डील नहीं होगी और भारी आर्थिक नुकसान होगा। जब बात पैसे की आई, तो उन्होंने लड़ाई रोकने का फैसला किया।” उन्होंने यह भी दावा किया कि इस संघर्ष में 11 फाइटर जेट गिराए गए।
ट्रंप का पूर्ववर्ती दावा
यह पहली बार नहीं है कि ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने का श्रेय लेने का प्रयास किया। इससे पहले भी उन्होंने कई बार इसे अपने कार्यकाल की उपलब्धि बताया। पाकिस्तानी पक्ष ने उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया, जबकि भारत हमेशा से तीसरे पक्ष की मदद को नकारता रहा है। भारत का कहना है कि सीजफायर के लिए किसी भी तरह की विदेशी मदद नहीं ली गई थी, और संसद में भी प्रधानमंत्री मोदी ने इसे स्पष्ट किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप चाहते हैं कि भारत ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए सीजफायर को लेकर उनके प्रयास को मान्यता दे, लेकिन भारत इस दावे के लिए तैयार नहीं है। इसके कारण भारत और ट्रंप के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव देखा गया।
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