
नई दिल्ली। केरल (Kerla) में गुरुवार की सुबह भाजपा समर्थक समाचार पत्र ‘जन्मभूमि’ (BJP-supporting newspaper ‘Janmabhoomi’) के पाठकों के लिए एक बड़ा अचंभा लेकर आई। जब पाठकों ने अखबार का संपादकीय पन्ना पलटा, तो वहां भाजपा की विचारधारा के बजाय मुस्लिम लीग (Muslim League) के नेताओं के विचार और लेख छपे हुए थे। इस अप्रत्याशित गड़बड़ी ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हंसी और चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है।
दरअसल, ‘जन्मभूमि’ के उत्तरी केरल के दो जिलों (कोझिकोड और कन्नूर) के संस्करणों में संपादकीय पन्ना पूरी तरह बदल गया था। पन्ने पर मुख्य लेख मुस्लिम लीग केरल के प्रमुख सैयद सादिकली शिहाब थंगल का था, जिसमें उन्होंने साल 2025 की समीक्षा की थी। इसके अलावा, मुस्लिम लीग के अन्य दिग्गज नेताओं एम.के. मुनीर और मोहम्मद शाह के भी लेख उसी पन्ने पर मौजूद थे। इतना ही नहीं, संपादकीय भी मुस्लिम लीग के मुखपत्र ‘चंद्रिका’ का था, जो हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में एलडीएफ (LDF) के बिखराव पर केंद्रित था।
एक रिपोर्ट में कहा है कि यह कोई जानबूझकर की गई राजनीतिक चाल नहीं, बल्कि एक तकनीकी और मानवीय चूक थी। ‘जन्मभूमि’ और ‘चंद्रिका’ समेत कई समाचार पत्रों की ‘प्लेट्स’ एक ही प्राइवेट सेंटर पर तैयार की जाती हैं। छपाई की प्रक्रिया के दौरान गलती से ‘चंद्रिका’ का संपादकीय पेज ‘जन्मभूमि’ के प्रिंटिंग सेक्शन में चला गया, जिससे हजारों प्रतियां मुस्लिम लीग के कंटेंट के साथ छप गईं।
इस घटना के बाद प्रतिद्वंद्वी पार्टियों विशेषकर माकपा (CPI-M) को तंज कसने का मौका मिल गया। माकपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस गड़बड़ी के मजे लेते हुए इसे भाजपा और मुस्लिम लीग का गुप्त गठबंधन करार दिया। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया कि जिस अखबार में दक्षिणपंथी विचारधारा के लेख होने चाहिए थे, वहां अचानक कट्टर विरोधी दल के नेताओं के विचार कैसे चमक रहे हैं। हैरान-परेशान ‘जन्मभूमि’ प्रबंधन ने इस घटना पर खेद जताया है और इसे पूरी तरह से प्रिंटिंग प्रेस की लापरवाही बताया है। हालांकि, तब तक यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थी।
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