
तेहरान। ईरान (Iran) में पिछले 12 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों ने अब एक बेहद गंभीर रूप ले लिया है। गुरुवार रात को पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद (Internet Services Suspended) कर दी गईं। यह कदम ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी (Crown Prince Reza Pahlavi) द्वारा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने के आह्वान के तुरंत बाद उठाया गया है। ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों के बीच तालमेल को तोड़ने और दुनिया तक देश के अंदर की खबरें पहुंचने से रोकने के लिए इंटरनेट ब्लैकआउट का सहारा ले रहे हैं। क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि घबराई हुई सरकार सूचनाओं को दबाने के लिए इंटरनेट काट सकती है।
ईरान में ताजा अशांति की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के बाजार से हुई थी। ईरान की मुद्रा (रियाल) की कीमत रिकॉर्ड स्तर तक गिर गई है और वार्षिक महंगाई दर 42% से ऊपर पहुंच गई है। ईरान अभी इजरायल के साथ हुए जून 2024 के युद्ध के जख्मों और वर्षों के आर्थिक प्रतिबंधों से उबरने की कोशिश कर रहा है। इस बीच देश में बिजली कटौती और ईंधन की कमी ने आम जनता के गुस्से को और भड़का दिया है।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। करीब 2,260 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस सबके बीच, ईरान के मुख्य न्यायाधीश ने चेतावनी दी है कि इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ दुश्मनों की मदद करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
अमेरिका की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस स्थिति पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने ईरानी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वे प्रदर्शनकारियों की हत्या करना शुरू करेंगे तो वाशिंगटन उन पर बेहद कड़ी चोट करेगा। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने भी ईरानी अर्थव्यवस्था को बेहद कमजोर स्थिति वाला बताया है।
क्राउन प्रिंस ने क्यों भड़काया?
1979 की क्रांति में अपदस्थ शाह के पुत्र निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी एक बार फिर विपक्षी चेहरे के रूप में उभरे हैं। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर सड़कों पर उतरने की अपील की है। प्रदर्शनों के दौरान तानाशाह की मौत जैसे नारों के साथ-साथ शाह के शासन की प्रशंसा के नारे भी सुने गए हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved