
नई दिल्ली । कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट (Omicron Variants) के खतरे के बीच मुंबई में स्कूल खुल गए हैं. स्कूल खोलने की योजना तो है लेकिन भारत (India) में बच्चों को वैक्सीन (vaccine for children) लगाने का देश में कोई प्लान नहीं है. दुनिया के देशों ने अपने बच्चों को बचाने का प्लान युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है, सवाल है कि भारत कब जागेगा? आइए अब बताते हैं कि भारत में बच्चों की वैक्सीन की क्या स्थिति है. चार वैक्सीन दौड़ में हैं.
जायडस कैडिला की एनकोव को मंजूरी मिल चुकी है. इसे 12 साल से ऊपर के बच्चों को दिया जाना है. भारत सरकार ने एक करोड़ डोज का ऑर्डर दिया है.
भारत बायटैक की कोवैक्सीन भी दौड़ में है. 2 से 18 साल तक के लिए वैक्सीन है. इमरजेंसी यूज के लिए अप्रूवल मिल चुका है.
बायोलॉजिकल ई की कोरबिवैक की चर्चा है. ये पांच साल के बच्चों से 18 साल के युवाओं को लगनी है. प्रयोग के चरण में हैं.
इसी तरह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोवोवैक्स भी दौड़ में है. ये वैक्सीन दो से 18 साल की उम्र तक लगनी है. अप्रूवल का इंतजार है.
दुनिया में बच्चों की वैक्सीन
भारत में अब ओमिक्रोन वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. देश में अबतक 73 केस सामने आ चुके हैं. सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र (32) में है. इसके अलावा राजस्थान में 17, दिल्ली में 6, केरल में 5, गुजरात में 4, कर्नाटक में 3, तेलंगाना में 2 और पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, चंडीगढ़ में 1-1 मामले हैं.

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