
कोलकाता । मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) ने कहा कि मैं बीजेपी ऑफिस पर रेड करूं (If I raid the BJP Office) तो क्या होगा (What will Happen) ?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “…क्या ईडी, अमित शाह का काम पार्टी की हार्ड डिस्क, कैंडिडेट लिस्ट इकट्ठा करना है?… यह गृह मंत्री जो देश की रक्षा नहीं कर सकता और मेरे पार्टी के सारे डॉक्यूमेंट्स ले जा रहा है। अगर मैं बीजेपी ऑफिस पर रेड करूं तो क्या होगा ? एक तरफ, वे पश्चिम बंगाल में एसआईआर करवाकर सभी वोटर्स के नाम हटा रहे हैं… चुनावों की वजह से, वे मेरी पार्टी के बारे में सारी जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं।
कोलकाता में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आई-पीएसी (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के साल्टलेक सेक्टर-वी कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सीधे जैन के घर गईं। कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा भी वहां पहुंचे। आई-पीएसी एक कंसल्टिंग फर्म है, जो 2019 से तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रही है। ईडी की एक विशेष टीम दिल्ली से कोलकाता आई और इस कार्रवाई को अंजाम दिया। ईडी अधिकारियों ने प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पर भी तलाशी ली। प्रतीक जैन आई-पीएसी के को-फाउंडर और वर्तमान निदेशक हैं।
ईडी सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी दिल्ली में दर्ज पुराने कोल स्मगलिंग मामले से जुड़ी हुई है। इस मामले में आई-पीएसी का नाम कई लेन-देन में सामने आया है। इसी मामले की जांच के सिलसिले में ईडी की दूसरी टीम ने उत्तरी कोलकाता के पोस्टा इलाके में एक व्यवसायी के घर भी छापा मारा। इस कार्रवाई में केंद्रीय बलों की भी मदद ली गई। अचानक हुए इस छापे ने आई-पीएसी की पूरी टीम को चौंका दिया। इस समय टीम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त थी। छापेमारी सुबह-सुबह शुरू हुई, जब ऑफिस में केवल कुछ कर्मचारी नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे। आई-पीएसी का ऑफिस सेक्टर-वी की 11वीं मंजिल पर है और केंद्रीय बलों ने इस मंजिल को पूरी तरह सील कर दिया, जिससे कोई अंदर या बाहर नहीं जा सका। जैसे-जैसे दिन बीता, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने घरों से वीडियो कॉल के जरिए मीटिंग करने लगे। अलग-अलग जिलों में मौजूद आई-पीएसी के सदस्यों के साथ भी मीटिंग आयोजित की गई।
आई-पीएसी की स्थापना प्रशांत किशोर ने 2014 लोकसभा चुनाव से पहले की थी। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से यह कंपनी तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार के लिए काम कर रही है। आई-पीएसी ने 2021 विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की बड़ी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 2024 के लोकसभा चुनाव में भी सक्रिय रही। प्रशांत किशोर के आई-पीएसी छोड़कर पूर्णकालिक राजनीति में जाने के बाद संगठन की अगुवाई अब तीन निदेशक कर रहे हैं: प्रतीक जैन, विनेश चंदेल और ऋषि राज सिंह। प्रतीक जैन पार्टी और संगठन के बीच मुख्य संपर्क व्यक्ति हैं।
प्रतीक जैन को राज्य की राजनीति और प्रशासन में काफी प्रभावशाली माना जाता है। उन्होंने कई मौकों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से नबन्ना में मुलाकात की है। चुनाव से पहले आई-पीएसी, पार्टी और सरकार के बीच सेतु का काम भी करता रहा, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पार्टी और प्रशासन के बीच समन्वय बनाता था। आई-पीएसी टीम अभिषेक बनर्जी के ऑफिस के करीब काम करती रही और विधानसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह बात ध्यान देने योग्य है कि तृणमूल कांग्रेस के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी से भी पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय एजेंसियों ईडी और सीबीआई ने कोल स्मगलिंग मामले में कई बार पूछताछ की है। छापेमारी ऐसे समय में हुई है, जब राज्य विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है।
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