देहरादून । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami) गत दिवस सुबह से लेकर देर रात तक अतिवृष्टि से आई आपदा का जायजा (stock of disaster) लेने के लिए ग्राउंड जीरो पर पहुंच लगातार राहत और बचाव कार्य का जानकारी लेते रहे । बता दें कि उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान हुए भूस्खलन (landslide) की घटनाओं में 42 लोगों की मौत हो गई। नैनीताल आपदा प्रबंधन विभाग ने जिले में 25 लोगों की मौत और सात लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है।
मृतकों में उत्तर प्रदेश और बिहार के 14 मजदूर हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर जा रहे थे। तभी पंतनगर से हल्द्वानी आते वक्त टांडा बैरियर के पास हाथियों का झुंड आ जाने के कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काफिले को रोकना पड़ा। करीब 20 मिनट तक इंतजार के बाद हाथियों का ये झुंड जंगल की ओर चला गया। इसके बाद मुख्यमंत्री धामी का काफिला हल्द्वानी की ओर रवाना हो सका।
इसी दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने जिला प्रशासन को राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर करने और उसमें कोई कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सड़क मार्ग में आ रही बाधाओं और जोखिम को दरकिनार कर देर रात तक वह हल्द्वानी के प्रभावित क्षेत्र में मौजूद रहे। बीते रविवार और सोमवार को उत्तराखण्ड में हुई भारी बारिश से राज्य में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

©2026 Agnibaan , All Rights Reserved