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जब सियासत रास नहीं आई: राजनीति में ज्यादा समय नहीं टिक पाए ये बॉलीवुड स्टार्स

February 06, 2026

नई दिल्ली ।बॉलीवुड और राजनीति का रिश्ता कोई नया नहीं है। कई फिल्मी सितारों ने बड़े पर्दे से निकलकर सियासत के मंच पर कदम रखा, लेकिन हर किसी के लिए राजनीति(Politics) में टिके रहना आसान नहीं रहा। कुछ स्टार्स (Stars)ने जनता (public)का भरोसा जीतकर चुनाव(election) तो जीता, लेकिन जल्द ही राजनीति से दूरी बना ली, तो कुछ को हार का सामना करना पड़ा और उन्होंने सियासत (Politics)को अलविदा कह दिया। आज हम आपको ऐसे ही बॉलीवुड सितारों(Bollywood stars) के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने राजनीति ज्वाइन(Join politics) की, लेकिन ज्यादा समय तक इसमें सक्रिय नहीं रह पाए।

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है महानायक अमिताभ बच्चन का। साल 1984 में उन्होंने एक्टिंग से ब्रेक लेकर राजनीति में एंट्री की थी। वह इलाहाबाद सीट से सांसद चुने गए, लेकिन राजनीति का अनुभव उन्हें रास नहीं आया। महज तीन साल बाद, 1987 में अमिताभ बच्चन ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह फिल्मी दुनिया में लौट आए।

इसके बाद बात करते हैं गोविंदा की। अपने चुलबुले अंदाज के लिए मशहूर गोविंदा ने 2004 में कांग्रेस के टिकट पर मुंबई नॉर्थ सीट से लोकसभा चुनाव जीता था। हालांकि, राजनीतिक जिम्मेदारियां और सिस्टम उन्हें पसंद नहीं आया। साल 2009 में उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली। कई इंटरव्यू में गोविंदा खुद कह चुके हैं कि राजनीति ज्वाइन करना उनकी जिंदगी की एक गलती थी, जिसका उन्हें पछतावा है।

उर्मिला मातोंडकर ने भी कांग्रेस के साथ राजनीति में कदम रखा। उन्होंने मुंबई नॉर्थ सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चुनाव हारने के कुछ ही दिनों बाद उर्मिला ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया और राजनीति से किनारा कर लिया।

साउथ सुपरस्टार रजनीकांत का राजनीति में आने का ऐलान काफी चर्चा में रहा। साल 2017 में उन्होंने ‘रजनी मक्कल मंडराम’ नाम की पार्टी बनाने की घोषणा की थी। फैंस को उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन 2021 में रजनीकांत ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए राजनीति में सक्रिय रूप से आने से इनकार कर दिया।

संजय दत्त ने साल 2008 में समाजवादी पार्टी ज्वाइन की थी और उन्हें पार्टी में जनरल सेक्रेटरी भी बनाया गया। हालांकि, कुछ समय बाद ही उन्होंने न सिर्फ पद से बल्कि पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया।

कॉमेडियन और एक्टर जावेद जाफरी ने 2014 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार मिली। इसके बाद से वह राजनीति में सक्रिय नजर नहीं आए।


  • वहीं शेखर सुमन ने 2009 में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा से हार गए। 2012 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और बाद में साफ कहा कि वह दोबारा कभी राजनीति ज्वाइन नहीं करेंगे।

    अंत में नाम आता है महेश मांजरेकर का, जिन्होंने 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार के बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली।

    इन सभी उदाहरणों से साफ है कि ग्लैमर और लोकप्रियता के बावजूद राजनीति एक अलग और चुनौतीपूर्ण दुनिया है, जहां हर स्टार खुद को फिट नहीं पाता।

     

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