इस्लामाबाद (islamabad)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो (Zulfikar Ali Bhutto) ने 1965 में एक दृढ़ घोषणा की थी कि “यदि भारत बम बनाता है, तो हम घास या पत्ते खाएंगे, यहां तक कि भूखे भी रहेंगे, लेकिन हमें अपना एक बम मिलेगा.” हालांकि, इसमें वक्त लग गया. तीन दशकों से अधिक का समय और दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक पाकिस्तान के लिए चोरी और जासूसी का एक गुप्त नेटवर्क आखिरकार उस बम को फोड़ने में कामयाब रहा.
11 सितंबर को बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स में प्रकाशित एक विशेष रिपोर्ट, जिसका शीर्षक ‘2023 पाकिस्तान न्यूक्लियर हैंडबुक’ है, का मानना है कि पाकिस्तान के पास लगभग 170 परमाणु हथियारों का भंडार है – जो 2022 से उनके हथियारों में हुए लगातार वृद्धि को दिखाता है.

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