ढाका। बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव (General election) से पहले राजनीतिक माहौल तेजी से गरमा गया है। सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार देश पूर्णकालिक प्रधानमंत्री चुनने की तैयारी कर रहा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार (Hasina Sarkar) के पतन और उनकी पार्टी आवामी लीग (Awami League) पर प्रतिबंध के बाद से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) के नेतृत्व में अंतरिम सरकार देश चला रही है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव के बाद बांग्लादेश की कमान किसके हाथ में जाएगी।
सर्वे में BNP को स्पष्ट बढ़त
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार प्रथोम आलो द्वारा कराए गए चुनाव पूर्व सर्वे में BNP को भारी बढ़त मिलती दिख रही है।
सर्वे के अनुसार BNP को 200 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान है।
इससे तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत बताई जा रही है।
जमात-ए-इस्लामी को लगभग 50 सीटों तक सीमित रहने का अनुमान है, जिससे उसकी भूमिका विपक्ष तक सिमट सकती है।
जातीय पार्टी को करीब 3 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
शेष सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में जा सकती हैं।
जमात-ए-इस्लामी इस चुनाव में शफीकुर्रहमान के नेतृत्व में मैदान में है।
350 सीटों वाली संसद का गणित
बांग्लादेश की संसद में कुल 350 सीटें हैं—
300 सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं,
जबकि 50 सीटों का निर्वाचन विशेष व्यवस्था के तहत होता है।
भारत की तरह यहां भी सांसदों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।
चुनाव के साथ जनमत संग्रह भी
अंतरिम सरकार प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के साथ प्रस्तावित जनमत संग्रह में भी भाग लेने की अपील की है।
उन्होंने नागरिकों से सुधारों के पक्ष में मतदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि जनमत संग्रह में “हां” को बहुमत मिलता है तो देश के भविष्य को अधिक सकारात्मक दिशा दी जा सकेगी।
यूनुस सरकार पिछले कई सप्ताह से अपने 84-सूत्रीय सुधार पैकेज के समर्थन में अभियान चला रही है। उनका कहना है कि ये सुधार देश से कुशासन दूर करने और संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं।
राजनीतिक संक्रमण के दौर में चुनाव अहम
शेख हसीना युग के अंत और अंतरिम प्रशासन के बाद हो रहे इस चुनाव को बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। परिणाम न केवल सत्ता परिवर्तन तय करेंगे, बल्कि देश की विदेश नीति, आंतरिक स्थिरता और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी असर डाल सकते हैं।
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