
नई दिल्ली। महंगाई के र्मोचे (Inflation Front) पर लोगों के लिए राहत (People’s Relief) देने वाली खबर है। खुदरा महंगाई (Retail Inflation) के बाद थोक महंगाई दर (Wholesale Inflation Rate) में भी गिरावट (Decline) दर्ज हुई है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित (based on Wholesale Price Index (WPI) थोक महंगाई दर (Wholesale inflation rate) जुलाई में घटकर 2.04 फीसदी पर आ गई है। जून में ये बढ़कर 16 माह के उच्चतम स्तर 3.36 फीसदी पर पहुंच गई थी। वहीं, मई में थोक महंगाई दर 2.61 फीसदी थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को जारी आंकड़ों में बताया कि जुलाई में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित थोक महंगाई की दर घटकर 2.04 फीसदी रही है। आंकड़ों के मुताबिक डब्ल्यूपीआई के प्राथमिक उत्पादों (रोजाना की जरूरत वाले सामानों) की महंगाई दर सालाना दर जुलाई, 2024 में 3.08 फीसदी रही है, जबकि जून 2024 में यह दर 8.80 फीसदी थी। मंत्रालय के मुताबिक खाने-पीने की चीजों की महंगाई 8.68 फीसदी से घटकर 3.55 फीसदी हो गई।
मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के मुताबिक थोक मूल्य सूचकांक के मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की सलाना थोक महंगाई दर जून 2024 में 1.43 फीसदी के मुकाबले जुलाई 2024 में बढ़कर 1.58 फीसदी हो गई है। हालांकि, ईंधन तथा बिजली की महंगाई दर बढ़कर 1.72 फीसदी पर पहुंच गई है, जो जून 2024 में 1.03 फीसदी रही थी।
उल्लेखनीय है कि जुलाई में खुदरा महंगाई की दर घटकर 3.54 फीसदी पर आ गई है, जो कि 59 महीने का निचला स्तर है। ये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तय दायरे के भीतर है।
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