
नई दिल्ली । पंकज त्रिपाठी, (Pankaj Tripathi)विक्रांत मैसी,(Vikrant Massey) जाकिर खान (Zakir Khan)जैसे नाम जब अचानक ब्रेक की घोषणा करते हैं, तो दर्शकों के मन में सवाल उठना लाज़मी है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या इनके पास काम की कमी है या फिर इंडस्ट्री (Industry)में कुछ बड़ा बदल रहा है? दरअसल, सेलेब्स का ये ब्रेक किसी मजबूरी का नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति (well thought out strategy)और ज़रूरत का नतीजा है।
इस ट्रेंड की शुरुआत अगर किसी से जोड़कर देखी जाए, तो शाहरुख खान का नाम सबसे पहले आता है। 2018 में ‘जीरो’ की असफलता के बाद शाहरुख खान ने लगभग चार साल का ब्रेक लिया। इस दौरान उन्होंने खुद को रिचार्ज किया, स्क्रिप्ट्स पर काम किया और फिर 2023 में ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ धमाकेदार वापसी की। इससे इंडस्ट्री को ये मैसेज मिला कि ब्रेक लेने से स्टारडम खत्म नहीं होता, बल्कि सही वापसी और भी बड़ी हो सकती है।
आज के एक्टर्स लगातार काम करते-करते मानसिक और शारीरिक रूप से थक जाते हैं। आर. माधवन ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने इसलिए ब्रेक लिया क्योंकि उन्हें ऑफर हो रहे रोल्स से संतुष्टि नहीं मिल रही थी। इसी ब्रेक के दौरान उन्होंने रिसर्च पर समय लगाया और ‘रॉकेट्री’ जैसी दमदार फिल्म बनाई। पंकज त्रिपाठी भी कुछ ऐसा ही सोचते हैं। उन्होंने साफ कहा कि वे सिर्फ ईएमआई चुकाने के लिए काम नहीं करना चाहते, बल्कि ऐसे प्रोजेक्ट्स करना चाहते हैं जिनमें उनका दिल और दिमाग दोनों लगे।
कोरोना के बाद बॉक्स ऑफिस का गणित भी बदल चुका है। अब फिल्में सिर्फ बड़े नामों पर नहीं, बल्कि मजबूत कहानी के दम पर चल रही हैं। अक्षय कुमार और आमिर खान जैसे सुपरस्टार्स की फिल्में भी फ्लॉप हो रही हैं। ऐसे में एक्टर्स साल में चार-पांच फिल्में साइन करने के बजाय क्वालिटी पर ध्यान दे रहे हैं। ब्रेक उनके लिए खुद को बेहतर करने और सही स्क्रिप्ट चुनने का मौका बन गया है।
मेंटल हेल्थ भी एक बड़ा कारण है। विक्रांत मैसी ने ब्रेक की वजह बताते हुए कहा कि वे अपने परिवार के साथ वक्त बिताना चाहते हैं और पर्सनल-प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस चाहते हैं। वहीं जाकिर खान ने फिजिकल और मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता देते हुए 2030 तक ब्रेक लेने का फैसला किया है, जो आज के दौर में खुद का ख्याल रखने की मिसाल है।
इसके अलावा, आज के सेलेब्स सिर्फ एक्टिंग पर निर्भर नहीं हैं। उनके पास इन्वेस्टमेंट्स, बिज़नेस और दूसरे इनकम सोर्स हैं। सुनील शेट्टी के स्टार्टअप्स हों या प्रीति जिंटा की आईपीएल टीम, ये उदाहरण दिखाते हैं कि आर्थिक सुरक्षा होने पर ब्रेक लेना आसान हो जाता है। कुल मिलाकर, ये ब्रेक कमजोरी नहीं, बल्कि बदलते सिनेमा और सोच का मजबूत संकेत है।
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