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खामेनेई बंकर में क्यों नहीं गए, ईरान के सुप्रीम लीडर की अंतिम दिनों की कहानी, भारत की कूटनीतिक सफलता भी सामने!

March 15, 2026

 

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (Middle East,)में जारी अघोषित युद्ध के बीच(Amidst the ongoing undeclared war) ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता(Iran’s late Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामेनेई(Ayatollah Ali Khamenei) के अंतिम दिनों और उनके साहसिक फैसलों की कहानियां सामने आ रही हैं। खामेनेई ने खुद की सुरक्षा से ऊपर जनता की भलाई को प्राथमिकता दी और अमेरिकी-इजरायली हमले के(American-Israeli attack) दौरान सुरक्षित बंकर में जाने से मना कर दिया।

नई दिल्ली में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में उनके प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया कि 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले के दौरान सुरक्षा टीम ने खामेनेई से किसी गुप्त सुरक्षित स्थान पर जाने का अनुरोध किया। 86 वर्षीय खामेनेई ने जवाब दिया, “यदि आप ईरान के 9 करोड़ नागरिकों के लिए सुरक्षित आश्रय प्रदान कर सकते हैं, तो ही मैं अपना घर छोड़ने को तैयार हूं।” उन्होंने अपने घर के नीचे बंकर बनवाने से भी इनकार किया और कहा कि वे एक खास जीवन नहीं जीना चाहते और खुद को गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों के बराबर रखना चाहते हैं।

इलाही ने बताया कि खामेनेई अक्सर कहते थे कि वे किसी अस्पताल के बिस्तर या बीमारी से मरने के बजाय शहीद होना पसंद करेंगे। उनकी यह इच्छा रमजान के पवित्र महीने में पूरी हुई, जिसे उनके अनुयायी सर्वोच्च सम्मान मान रहे हैं।

इसी बीच भारत को इस भीषण युद्ध के बीच कूटनीतिक सफलता मिली है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई सफल वार्ता के बाद, ईरान ने भारतीय झंडे वाले टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी। इसके तहत टैंकर ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’ सुरक्षित होकर गुजर चुके हैं, जबकि सऊदी अरब का तेल लेकर आ रहा अन्य टैंकर भी मुंबई तट पर सुरक्षित पहुंचा।

हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव अभी भी चरम पर है। यह 55 किलोमीटर चौड़ा जलमार्ग दुनिया के 31% तेल शिपमेंट का रास्ता है। IRGC ने स्पष्ट किया है कि उनकी अनुमति के बिना गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी के अनुसार ईरान के पास चीनी तकनीक पर आधारित एंटी-शिप मिसाइलों का जाल है, जो पूरे समुद्री मार्ग को ब्लॉक करने की क्षमता रखता है।

युद्ध के दौरान ईरान ने सऊदी अरब के तेल क्षेत्रों और दुबई एयरपोर्ट की ओर ड्रोन और मिसाइल हमले भी किए। इसके अलावा, इजरायली सेना ने लेबनान की बेका घाटी में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए, जिसमें सात लोगों की मौत हुई।


  • नए सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सस्पेंस बरकरार है। रिपोर्ट्स के अनुसार वे अमेरिकी हमलों में घायल हुए थे, लेकिन ईरानी अधिकारी उन्हें सुरक्षित बता रहे हैं।

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