सियोल/प्योंगयांग। उत्तर कोरिया (North Korea) की सत्ता में संभावित पीढ़ीगत बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने संसद में बंद कमरे की ब्रीफिंग के दौरान संकेत दिया कि नेता किम जोंग (kim jong) उन अपनी बेटी किम जू ऐ को उत्तराधिकारी बनाने की प्रक्रिया में काफी आगे बढ़ चुके हैं।
एजेंसी के अनुसार, पहले किम जू ऐ को केवल “उत्तराधिकारी के रूप में प्रशिक्षण” में बताया जाता था, लेकिन अब आधिकारिक भाषा में बदलाव आया है और उन्हें “उत्तराधिकारी के रूप में नामित होने के चरण” में माना जा रहा है। यह बदलाव सत्ता हस्तांतरण की अधिक ठोस तैयारी का संकेत माना जा रहा है।
NIS ने बताया कि किम जू ऐ हाल के महीनों में कई अहम कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिखाई दी हैं, जिनमें कोरियन पीपुल्स आर्मी की वर्षगांठ, सैन्य निरीक्षण और राष्ट्रीय समारोह शामिल हैं। उन्होंने कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन का भी दौरा किया, जो देश के दिवंगत नेताओं का समाधि परिसर है—यह स्थान प्रतीकात्मक रूप से सत्ता के केंद्र का प्रतिनिधित्व करता है।
दक्षिण कोरियाई सांसद ली सियोंग-क्वेउन ने ब्रीफिंग के बाद कहा कि सरकारी मीडिया कवरेज, सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी स्थिति और व्यवहार से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि उन्हें भविष्य की नेतृत्व भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है।
‘डी-फैक्टो नंबर दो’ की भूमिका?
खुफिया एजेंसी का आकलन है कि किम जू ऐ अब अनौपचारिक रूप से देश की दूसरी सबसे प्रभावशाली शख्सियत की स्थिति में पहुंच चुकी हैं और नीतिगत मामलों में उनकी भागीदारी के संकेत भी मिले हैं।
विशेषज्ञों की नजर अब आगामी वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की बैठकों पर है, जहां उनकी आधिकारिक भूमिका, प्रोटोकॉल रैंक या किसी नई उपाधि से उत्तराधिकार की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
वंशानुगत सत्ता की परंपरा
उत्तर कोरिया में 1940 के दशक से किम परिवार का ही शासन रहा है। किम जोंग उन को भी 2011 में अपने पिता की मृत्यु से पहले उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया था। पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि किम जू ऐ को औपचारिक रूप से आगे लाया जाता है, तो यह देश के इतिहास में पहली बार होगा जब सत्ता सीधे महिला उत्तराधिकारी को सौंपी जाएगी।
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