
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन (Russia and Ukraine) के बीच जारी जंग को आज यानी 24 फरवरी, 2026 को चार साल पूरे हो गए. एक तरफ जहां दुनिया 2022 में कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) से उबर ही रही थी, वहीं दूसरी ओर रूस और यूक्रेन के बीच जारी विवाद जब युद्ध में बदला तो विश्व पर नया संकट छा गया. आज जब युद्ध को 4 साल पूरे हो चुके हैं, फिर भी इसके अंत का कोई संकेत नजर नहीं आ रहा है. न्यूक्लियर पावर देश रूस और परमाणु शक्ति का त्याग करने वाले यूक्रेन के बीच इस जंग में अब तक हजारों मासूमों की जान जा चुकी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अकेले यूक्रेन में ही अब तक 15000 लोगों की मौत हो चुकी है.
लाखों लोगों को छोड़ना पड़ा आशियाना
रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं. पूर्वी और दक्षिणी शहर जैसे बाखमुत, टोरेट्स्क व वॉवचांस्क खंडहर बन गए हैं. सैन्य हानि के मामले में दोनों पक्ष चुप्पी साधे हैं, लेकिन यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में 55,000 सैनिकों की मौत स्वीकार की. अमेरिकी थिंकटैंक सीएसआईएस की रिपोर्ट के मुताबिक जंग में दोनों ओर से अब तक 20 लाख के करीब लोग हताहत हो चुके हैं, जिसमें रूस को 12 लाख का नुकसान हुआ.
रूस और यूक्रेन के बीच कब क्या हुआ?
यूएन के माइन एक्शन सर्विस के अनुसार, यूक्रेन का एक बड़ा हिस्सा युद्ध से प्रभावित हुआ है. विश्व बैंक ने पुनर्निर्माण लागत 588 अरब डॉलर आंक दी है, जो अगले दशक की चुनौती बनेगी. 2022 में रूस ने क्रीमिया के बाद डोनेट्स्क और लुहांस्क पर कब्जा किया, लेकिन यूक्रेन ने काउंटरऑफेंसिव से पलटवार किया.
2023-24 में रूस ने पूर्वी मोर्चे पर बढ़त बनाई, जबकि 2025-26 में ड्रोन-मिसाइल हमले तेज हो गए. डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इस्तांबुल, अबू धाबी और जेनेवा में बातचीत हुई, लेकिन विफल रहीं. रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में रूस ने यूक्रेन के 19.5 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा जमा लिया है, लेकिन प्रगति धीमी पड़ गई. कीव पर ड्रोन-मिसाइल हमले जारी हैं, जबकि जेलेंस्की सुरक्षा गारंटी पर अड़े हैं.
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