
नई दिल्ली। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने सोमवार को बेंगलुरु में DRDO के गैस टरबाइन अनुसंधान प्रतिष्ठान (GTRE) का दौरा किया और स्वदेशी सैन्य गैस टरबाइन इंजन विकास से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की है। इस दौरान राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने संबोधिन दिया और DRDO के सामने एक बड़ी चुनौती रख दी है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि डीआरडीओ (DRDO) के पास जेट इंजन तैयार करने के लिए 5 साल का समय है। राजनाथ सिंह ने ये भी कहा है कि भारत को 6th जेनरेशन के जेट इंजन बनाने की भी तैयारी करनी चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “जब हम सरकार में आए, तो हमने आत्मनिर्भरता की ओर अपने कदम बढ़ाए। डिफेंस सेक्टर में भी,आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के हमने कई प्रयास किये। रक्षा मंत्री के रूप में, मैंने अपने लगभग 7 साल के कार्यकाल में, अपना पूरा प्रयास किया कि हम एयरो इंजन के विकास को प्राथमिकता पर रखें और ऐसा हमने किया भी। हम AMCA के डिजाइन और विकास की ओर भी, तेजी से बढ़ रहे हैं। हमने पहले में भी एयरो इंजन के क्षेत्र में मास्टरी हासिल करने के कई प्रयास किए हैं। अब समय आ गया है कि हमारे जो प्रयास अधूरे रह गए थें, जो पूरे नहीं हो पाए थें, उनको हम पूरा करें।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “आज की वैश्विक राजनीतिक स्थिति को देखते हुए, इस तरह की महत्वपूर्ण तकनीक में आत्मनिर्भरता कितनी जरूरी है, यह मैं समझता हूं कि बताने की जरूरत नहीं है। दुनिया का वैश्विक राजनीतिक स्थिति बहुत तेजी से बदल रहा है। सप्लाई टेन ब्रेक हो रहे हैं। नए इकोसिस्टम डेवलप हो रहे हैं। ऐसे में जिस देश के पास अपनी टेक्नॉलॉजी होगी, वही देश सेफ रहेगा, सिक्योर रहेगा और सस्टेन कर पाएगा।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “फ्रांस और UK, दोनों ही देश एयरो इंजन टेक्नॉलॉजी में बहुत आगे रहे हैं। उनके साथ यह साझेदारी हमें न सिर्फ नई तकनीक सीखने का मौका देगा बल्कि उन चुनौतियों को भी समझने में मदद करेगू, जिनका उन्होंने पिछले दशकों में सामना किया है। आप UK के साथ एयरो इंजन विकास के लिए joint study कर रहे हैं। यह बहुत अच्छी पहल है। इसके अलावा, फ्रांस के साथ भी, एयरो इंजन के लिए, हम National Aero Engine Mission के तहत प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “अगर किसी इंजन को डेवलप करने में 25 साल लग रहे हैं, तो भारत की वर्तमान परिस्थिति, हमारी रणनीतिक जरूरतें और हमारी महत्वाकांक्षाएं ऐसी हैं कि आप मान करके चलिए कि आपके 20 साल पहले ही खत्म हो चुके हैं और अब सिर्फ 5 साल ही आपके पास बचे हैं। यह कोई चौंकने वाली या अचरज वाली बात नहीं है, यह एक चुनौती है। हमें इसी 5 साल में वो कर दिखाना है, जो दूसरे देश 20 साल में करते हैं। इसी में हमें अपना बेस्ट देना है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “हमें भविष्य की तरफ भी देखना होगा। हम सिर्फ 5th जेनरेशन के इंजन तक सीमित नहीं रह सकते। 6th जेनरेशन की, एडवांस तकनीक का विकास भी, हमें जल्द से जल्द शुरू करना होगा। उस पर रिसर्च, समय की मांग है। जैसे-जैसे दुनिया में तकनीक बदल रही है, AI मशीन लर्निंग और नई सामग्रियों का प्रयोग बढ़ रहा है, हमें उनमें आगे रहना होगा।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- “अब आप जो तकनीक आज फाइटर प्लेन के लिए डेवलप कर रहे हैं, वही तकनीक कल सिविल एविएशन की दुनिया में क्रांति ला सकती है। आप जो हाई टेंपरेचर सहने वाले कंपोजिट मटेरियल्स बना रहे हैं, वे पॉवर प्लांट में या स्पेस शिप में भी काम आ सकती हैं। जब हम डिफेंस सेक्टर में रिसर्च और इंडन डेवलपमेंट की बात करते हैं, तो उसका महत्व सिर्फ सैन्य इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहता। इसका dual-use factor भी उतना ही important है। किसी भी complex technology की सबसे बड़ी सार्थकता यही है कि उसके अनेक दूरगामी परिणाम दिख सकते हैं।”
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