
उज्जैन। अंग्रेजों के समय में जो कोतवाली बनी थी वह अब टूट चुकी है। कई सालों तक जर्जर भवन में ही कोतवाली थाना लगता रहा लेकिन अब इस मार्ग का चौड़ीकरण हो रहा है। कोतवाली के मलबे को देखकर लोग इस संबंध में बातें कर रहे हैं।
चौडीकरण के कारण 100 साल पूराना कोतवाली भवन पूरी तरह मलबे में बदल गया है इसके पहले थाने को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया था। कोयला फाटक से छत्री चौक सडक चौडीकरण वजह से कोतवाली थाने भवन को तोड़ दिया गया है। थाने को फाजलपुरा पुलिस कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है। वहां कामकाज भी शुरू हो चुका है। वहीं सीएसपी कोतवाली का दफ्तर खारा कुआं थाने में शिफ्ट किया है। उज्जैन में कोयला फाटक से कंठाल तक सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत बाधा बन रहे कोतवाली थाने को तोड दिया है। यह कदम सिंहस्थ 2028 के लिए सड़कों को चौड़ा करने के प्लान के तहत उठाया गया है, जिससे क्षेत्र में यातायात सुगम हो सके। बता दें कि उज्जैन की ऐतिहासिक पुलिस कोतवाली का भवन 100 साल से भी अधिक पुराना है, जो सिंधिया रियासत काल की शानदार वास्तुकला को दर्शाता है। शहर के मध्य स्थित यह भवन न केवल सुरक्षा का केंद्र है, बल्कि एक प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी अपनी पहचान बनाए हुए था। यह भवन प्राचीन वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण है और ब्रिटिश/सिंधिया काल के समय से शहर की कानून व्यवस्था का हिस्सा रहा है। 100 वर्ष से अधिक पुरानी होने के कारण, यह इमारत शहर के इतिहास के कई महत्वपूर्ण दौर की गवाह रही है।