
इंदौर, राजेश ज्वेल। राजस्व मंत्री ने कल विधानसभा में इंदौर सहित अन्य जिलों में आदिवासियों की जमीनें सामान्य व्यक्तियों द्वारा खरीदे जाने और उस पर दी गई अनुमतियों का खुलासा किया। पूर्व गृहमंत्री और कांग्रेसी विधायक बाला बच्चन के पूछे गए सवाल में आईएएस अफसरों द्वारा दी गई अनुमतियों की पोलपट्टी खुली, जिसमें इंदौर के भी एक दर्जन कलेक्टर और अपर कलेक्टर शामिल हैं, जिन्होंने 72 फाइलों के जरिए लगभग 380 एकड़ जमीनों की क्रय-विक्रय की अनुमति देते हुए नामांतरण भी करवा डाला। इंदौर की 153.245 हेक्टेयर यानी 380 एकड़, तो बुरहानपुर की 196 तथा खंडवा की 288 हेक्टेयर जमीनों की बिक्री की विस्तृत सूची सदन में प्रस्तुत की गई। कुछ अफसरों पर पूर्व में इस मामले में प्रकरण भी लोकायुक्त द्वारा दर्ज किए जा चुके हैं।
कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने आज सुबह अग्निबाण से चर्चा करते हुए कहा कि विशेष परिस्थितियों में ही गैर आदिवासियों को इन जमीनों को बेचने की अनुमति दी जाना थी और इस आशय का आदेश 10 साल पहले मुख्य सचिव जारी भी कर चुके हैं। मगर आर्थिक लाभ और अन्य दबाव-प्रभाव के चलते डेढ़ हजार एकड़ से अधिक जमीनें प्रदेश में आदिवासियों की अफसरों ने बिकवा दी। अब इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जांच कर उचित कार्रवाई करें।
बच्चन द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में इंदौरी अफसरों द्वारा दी गई अनुमतियों की जो जानकारी विधानसभा में प्रस्तुत की गई उसमें राऊखेड़ी, रामपुरियाखुर्द, गलोंडी, कोर्डिया, टीडी, रेवती, बड़ौदा अर्जुन, पिपलिया मल्हार, हिंगोनिया, दुर्जनपुरा, बेरछा, गोलकुंडा, पठान पिपलिया महू, बेटमाखुर्द, काली बिल्लौद, घोसीखेड़ी, धरावरा, बाल्याखेड़ी, तिंछा, कमदपुर, निहालपुरमुंडी, जोशी गुराडिय़ा, शिवनी, आशाखेड़ी, जामनिया जागीर, चिकली, गारिया, धुलेट, कंदवाली, आबलीपुरा, सुल्काखेड़ी, भुड़ानिया, बड़ी कलमेर, राजोदा, जम्बुर्डी हब्सी, हिंगोनिया खुर्द, आगरा, माली बड़ोदिया आदि की जमीनों की बिक्री के लिए 72 फाइलों की मंजूरी इंदौरी अफसरों ने दी है।
विधानसभा में इन अफसरों के नाम और दी गई अनुमति, सर्वे नम्बर, रकबा और आदेश दिनांक की भी जानकारी प्रस्तुत की गई है, जिनमें तत्कालीन कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव, पी नरहरि, निशांत वरवड़े, डॉ. इलैयाराजा के अलावा तत्कालीन अपर कलेक्टरों में प्रकाश जांगरे, आनंद शर्मा, धर्मेन्द्र सिंह, नारायण पाटीदार, रविन्द्र सिंह, दिलीप कुमार सहित अन्य के नाम शामिल हैं। इन जमीनों की खरीदी-बिक्री वर्ष 2008 से लेकर 2023-24 तक जारी रही। संभव है इसमें कुछ अदालती आदेश भी रहे होंगे। जिन रसूखदारों को ये जमीनें बिकी उनमें श्रीनाथ बिल्डकॉन, इंदौर प्रॉपर्टी प्रा.लि., उर्मिला देवी, मुकेश पिता हरपाल, दिलीप कुमार, संजय जैन, विजय तोलानी, लक्ष्मीनारायण, अरविन्द मिश्रा, ईश्वरसिंह राणा, लाखन सिंह, सुनेर सिंह, मधुसूदन द्विवेदी, निलय जैन, पर्ल सप्लाय एंड सेल्स, कपिल, ममता महेन्द्र सिंह सहित अन्य नाम शामिल हैं। इन सभी मामलों में शासन की अनुमति सहित अन्य जानकारी भी मांगी गई है।
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