
सिर्फ 4 दिन में वन विभाग ने 1.60 लाख रुपए का राजस्व कमाया
इंदौर। वन विभाग (Forest Department) के अधीन रालामण्डल (Ralamandal) अभयारण्य (Sanctuary) ने पर्यावरण और वन्यप्रेमियों (wildlife lovers) से सिर्फ 4 दिनों में 1 लाख 60 हजार 470 रुपए का राजस्व प्राप्त किया है। फरवरी माह में 4000 से ज्यादा पर्यावरणप्रेमी रालामण्डल अभयारण्य पर सैर करने पहुंचे। इनमें से कई पर्यटकों ने वसंत ऋतु के नजारों को निहारने के अलावा जहां शिकारगाह सफारी, डियर सफारी का आनंद लिया, वहीं तितली पार्क, शिकारगाह संग्रहालय देखने भी पहुंचे।
वनविभाग के अनुसार चार अवकाश वाले दिनों में 1 फरवरी रविवार को 1310 और 8 फरवरी को 1075 इसी तरह 15 फरवरी को 798 पर्यटक और 22 फरवरी को 859 पर्यटको सहित कुल 4042 पर्यावरण प्रेमी रालामण्डल अभ्यारण्य पहुंचे। इनसे वन विभाग को कुल 1,60,470 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है । इस बार 28 दिन वाले फरवरी माह के सिर्फ 4 दिनो में पर्यटको की इतनी संख्या और राजस्व के आंकड़े बेशक सुकून देने वाले है। 4042 पर्यटको में से कईयों ने न सिर्फ शिकारगाह सफारी, और डियर सफारी का लुत्फ लिया बल्कि तितली पार्क में रँगबिरंगी तितलियों को जी भर के निहारा। इनके अलावा कुछ पर्यटक शिकारगाह संग्रहालय भी पहुंचे। जंहा पर वह सैंकड़ो साल पुराने होल्करकालीन प्राचीन इतिहास की पुरातत्व कालीन बेशकीमती ऐतिहासिक धरोहरों से भी रूबरू हुए। इसके लाखो साल पुराने डायनासोर के अंडे भी देखे। इन सबके अलावा पर्यावरण प्रेमियों ने वन्य जीवों को निहारते हुए पर्यटन का आनन्द लिया। रालामण्डल अभ्यारण्य के 4042 पर्यावरण प्रेमियों मे से 1200 पर्यटक यँहा भी पहुंचे ।
स्थान पर्यटक
शिकारगाह संग्रहालय 617
डियर सफारी 238
तितली पार्क 146
शिकारगाह सफारी 199
कुल 1200
कुल मिला कर 4 अवकाश वाले दिनों में राला मण्डल अभ्यारण्य में 4042 पर्यावरण प्रेमियी में से 1200 पर्यटको ने रालामण्डल की पहाड़ी पर जंहा बसंत ऋतु के नजारों के अलावा शिकारगाह सफारी, डियर सफारी का लुत्फ उठाया तो वहीं कुछ पर्यटकों ने तितली पार्क,में तितलियों को और शिकारगाह संग्रहालय में पुरातत्व धरोहरों को भी निहारा ।
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