
इंदौर। भागीरथपुरा कांड उजागर होने के बाद शहर के सभी क्षेत्रों के रहवासी सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए वीडियो और फोटो वॉट्सऐप कर रहे हैं, जिसमें गंदा पानी आने की शिकायतें सबसे अधिक हैं। लगभग सभी वार्डों में दूषित पानी बंटता रहा है और अब नगर निगम ने सभी 6600 अपने बोरिंगों की जियो टैगिंग कराने का भी निर्णय लिया। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने कल बिजलपुर स्थित नर्मदा जलप्रदाय कंट्रोल रूम और मूसाखेड़ी स्थित स्काडा सिस्टम का अवलोकन भी किया। साथ ही स्मार्ट सिटी के 311 ऐप के माध्यम से निगम मुख्यालय और झोनल कार्यालयों पर ड्रेनेज और जलप्रदाय की जो शिकायतें आती हैं, उनका निराकरण भी समयसीमा में करने के निर्देश दिए गए।
वैसे तो कई क्षेत्रों की जनता लगातार गंदे पानी की शिकायतें करती रही है, मगर भागीरथपुरा में जो 18 मौतें अभी तक हो गईं और कई मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें कुछ गंभीर भी हैं, उसके बाद देशभर में दूषित पानी का हल्ला मचा। नतीजतन सभी 85 वार्डों से शिकायतें सामने आने लगीं। यहां तक कि कई क्षेत्रों में लोगों को लगा कि यह सामान्य समस्या होगी, मगर जब उल्टी-दस्त या अन्य इन्फेक्शन के चलते बीमार होने लगे, तब समझ में आ रहा है कि यह गंदे पानी के कारण हुआ। नतीजतन मीडिया को भी अब रहवासियों द्वारा लगातार उनके क्षेत्र में बंट रहे गंदे पानी की शिकायतें की जा रही हैं और इससे जुड़े फोटो-वीडियो और अन्य जानकारी भेज रहे हैं।
[rrelpost]
इधर, निगम का कहना है कि 311 ऐप के अलावा जो हेल्पलाइन नम्बर जारी किए, उसके माध्यम से पिछले 4 दिनों में ही 260 से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन, कंट्रोल रूम, झोनल कार्यालय और मंगलवार की जनसुनवाई में भी इस तरह की जो शिकायतें मिलती हैं, उन पर अब गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश आयुक्त सिंघल ने दिए हैं। इसके साथ ही शहरभर में जो 6600 निगम के सरकारी बोरिंग हैं, उनका क्लोरिनेशन करने के बाद सभी की जियो टैगिंग भी अनिवार्य की जाएगी। भागीरथपुरा क्षेत्र में तो निजी बोरिंगों का भी क्लोरिनेशन कराया गया। आयुक्त द्वारा मूसाखेड़ी स्थित स्काडा सिस्टम का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने शहर में जलप्रदाय एवं जल वितरण व्यवस्था की मॉनीटरिंग किस प्रकार की जाती है, इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। वहीं सिंघल द्वारा बिजलपुर स्थित नर्मदा जलप्रदाय कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया गया। यहां उन्होंने जलूद से कितनी मात्रा में पंपिंग होकर नर्मदा जल शहर में लाया जाता है, इसकी स्थिति भी जानी।
विदुर नगर के घरों में काला पानी
विदुर नगर स्थित प्राइम एकेडमी स्कूल के पास पिछले कुछ महीनों से नर्मदा का पानी बेहद गंदा और दुर्गंधयुक्त आ रहा है। यहां के नागरिकों ने शिकायत की है कि सीवर लाइन का पानी पीने की पाइप लाइन में मिल गया है। पानी का रंग एकदम काला हो गया है। रहवासियों ने समाचार पत्र को पानी की वीडियो क्लीपिंग भी भेजी हैं, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि यह पानी दूषित नहीं, बल्कि जानलेवा है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved