
मुंबई । साइबर ठगों (cyber fraudsters) ने हाल ही में देश के मुख्य न्यायधीश जस्टिस बी आर गवई (Chief Justice Justice B R Gavai) के नाम पर करोड़ों की ठगी की घटना को अंजाम दिया है। नासिक के 2 बुजुर्गों से अलग-अलग घटनाओं में CJI गवई की अदालत में ऑनलाइन पेशी (online appearance) कराने की धमकी देकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने और 6.72 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने यह जानकारी दी है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि नासिक साइबर पुलिस ने सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की है और सितंबर में हुई इन घटनाओं की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि पीड़ितों में गंगापुर रोड निवासी 74 वर्षीय अनिल लालसरे भी शामिल हैं। लालसारे की पत्नी ‘स्ट्रोक’ के बाद पिछले ढाई साल से बिस्तर पर हैं। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत है और दंपति का बेटा विदेश में रहता है।
प्राथमिकी के मुताबिक, ‘‘लालसरे को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड से जुड़े क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया गया है। उसने लालसरे से कहा कि अगर वह 72 लाख रुपये का जुर्माना नहीं भरते हैं तो उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया जाएगा और प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति गवई की अदालत में पेश किया जाएगा।’’ इसके मुताबिक फोन करने वाले ने शिकायतकर्ता को धमकी भी दी कि अगर वह पैसे नहीं देंगे तो CBI उन्हें गिरफ्तार करेगी और उनसे दिल्ली में पूछताछ की जाएगी।
पुलिस ने आगे बताया, ‘‘उम्र संबंधी बीमारी के कारण ठीक से चलने में असमर्थ लालसरे ने बैंक जाकर दिए गए खाते में 72 लाख रुपये जमा कर दिए।’’ उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी का पता चला कि 13 अक्टूबर को तब हुआ जब लालसरे के रिश्तेदार वृद्ध दंपति से मिलने उनके घर पहुंचे।
वहीं पुलिस ने बताया कि इसी तरह की एक और घटना सामने आई है जिसमें एक बुजुर्ग से साइबर ठगों ने इसी तरह की धमकी देकर ठगी की। प्राथमिकी के मुताबिक व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर सीजेआई की अदालत में पेश करने की धमकी दी गई और आरोप लगाया कि उनके सिम कार्ड का इस्तेमाल अश्लील तस्वीरें और वीडियो प्रसारित करने के लिए किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ से बचने के लिए बुजुर्ग ने कुल छह करोड़ रुपये का भुगतान किया।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved